कबीरधाम में पारंपरिक वैद्यों का संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित


 कबीरधाम। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तूरे  की अध्यक्षता में 15 अक्टूबर को जिला पंचायत भवन के सभागार में पारंपरिक वैद्यों के लिए एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यक्रम हुआ। यूनिसेफ की टीम के तकनीकी सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में जिले के 82 वैद्य शामिल हुए। समुदाय में वैद्यों की भूमिका अहम है। उनके सहयोग से बीमारी की पहचान जल्दी होगी और मरीज भटकने के बजाय सही जगह इलाज पा सकेंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य था कि वैद्य सिकल सेल रोग, बच्चों में टाइप-1 मधुमेह और जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान कर मरीजों को सही जगह भेज सकें। गांवों में बीमार होने पर लोग अक्सर वैद्य से ही सलाह लेते हैं, इसलिए इस काम में उनकी भूमिका अहम है।

विशेषज्ञों ने इन रोगों के शुरुआती लक्षण, जांच, नियमित उपचार और शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। संदिग्ध मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजने पर खास जोर रहा।

समापन पर प्रतिभागियों ने समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और बच्चों एवं माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

 कार्यक्रम का संचालन यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में तथा एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से किया गया।

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