कोरिया बैकुंठपुर। नीति आयोग के आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के अंतर्गत जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर साक्ष्य आधारित नियोजन, निगरानी और समीक्षा को सशक्त बनाने के लिए ‘नीति तारा’ (NITI TARA—Toolkit for Analysis, Review & Action) पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव की उपस्थिति में कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डिवाइस के संचालन और उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कलेक्टर श्रीमती यादव ने निर्देश दिए कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी चिह्नित ग्रामों, आकांक्षी विकासखण्ड और दूरस्थ क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इनका लाभ उठा सकें।
प्रशिक्षण एजुकेशनल कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड के प्रशिक्षक मनीष श्रीवास्तव एवं अभिषेक पाण्डेय ने दिया। प्रशिक्षकों ने बताया कि नीति तारा नीति आयोग की एक पोर्टेबल, इंटरनेट से जुड़ी और विभिन्न सुविधाओं को एक साथ उपलब्ध कराने वाली गवर्नेंस डिवाइस है। यह जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर विकास से जुड़े आंकड़े, नियोजन के उपकरण और सामूहिक समीक्षा की सुविधा एक ही जगह उपलब्ध कराती है। इसके माध्यम से विकास संकेतकों के आंकड़ों का विश्लेषण, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और कमियों की पहचान कर समयबद्ध कार्रवाई एक ही प्लेटफॉर्म पर की जा सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, आधारभूत अवसंरचना और सामाजिक विकास से संबंधित संकेतकों को देखने तथा उनकी प्रगति परखने का अभ्यास कराया गया। उन्हें आंकड़ों के आधार पर स्थानीय जरूरतों की पहचान करने और उनके अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षकों ने बैकुण्ठपुर विकासखण्ड के लिए उपलब्ध कराई गई डिवाइस की विशेषताओं का प्रदर्शन भी किया। उन्होंने बताया कि इसमें इन-बिल्ट स्पीकर तथा लगभग 300 इंच तक चित्र प्रदर्शित करने की सुविधा है। इसके माध्यम से योजनाओं से संबंधित वीडियो, प्रशिक्षण सामग्री और जनजागरूकता संबंधी विषयों को बड़ी संख्या में लोगों के समक्ष एक साथ प्रदर्शित किया जा सकता है। इंटरनेट उपलब्ध होने पर डिजिटल पोर्टल की सामग्री तथा आवश्यकता के अनुसार ऑफलाइन सामग्री का भी प्रदर्शन किया जा सकता है।
प्रशिक्षकों ने बताया कि डिवाइस का उपयोग विद्यालयों, पंचायत भवनों, सामुदायिक बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जनजागरूकता अभियानों में किया जा सकता है। इससे अधिकारियों एवं मैदानी अमले को योजनाओं की जानकारी सरल, रोचक और प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने नीति तारा को नियमित नियोजन एवं निगरानी का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया, ताकि ग्राम स्तर पर विकास से जुड़े निर्णय सही आंकड़ों और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर लिए जा सकें। प्रशिक्षण में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी तथा संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।


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