कबीरधाम। कृषि महाविद्यालय, कबीरधाम में बच्चों में होने वाले गैर-संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से लगभग 95 स्वयंसेवकों का संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति, यूनिसेफ के तकनीकी व एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी. के. तूरे के मार्गदर्शन में तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती अनुपमा तिवारी का सक्रिय भागीदारी रहा। जिला चिकित्सा विभाग की ओर से गैर-संचारी रोग सलाहकार सुश्री आकांक्षा एवं गैर-संचारी रोग सहायक श्री गौरव सोनी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में होने वाले तीन प्रमुख गैर-संचारी रोगों—सिकल सेल रोग, टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) एवं जन्मजात हृदय रोग—के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। स्वयंसेवकों को इन रोगों के प्रमुख लक्षणों, समय पर पहचान, उचित उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच के महत्व से अवगत कराया गया।
इसके साथ ही स्वयंसेवकों को बताया गया कि वे समुदाय में सभा एवं जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन कर लोगों को इन बीमारियों के लक्षणों, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक कर सकते हैं। समुदाय के बीच सही जानकारी पहुंचाकर बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया।
इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। समुदाय और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय स्थापित करने तथा बच्चों में होने वाले गैर-संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया गया।
कार्यक्रम का नेतृत्व यूनिसेफ़ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में एमसीसीआर ट्रस्ट के संचालक डॉ. डी. श्याम कुमार का विशेष योगदान रहा। इस पहल का उद्देश्य स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित एवं जागरूक कर समुदाय स्तर पर बाल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का प्रभावी प्रसार सुनिश्चित करना है।

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