नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कॉलरी......शनिवार की रात SECL चरचा कॉलरी में एक हृदयविदारक और सनसनीखेज घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। कॉलरी के डिप्टी मैनेजर *के.बी. नंदन की उनके ही विभागीय आवास में आग से झुलसकर दर्दनाक मृत्यु हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि तेज धमाके की आवाज सुनकर पूरी कॉलोनी दहल उठी और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार के.बी. नंदन चाइना ब्लॉक स्थित विभागीय आवास क्रमांक C-25 में निवासरत थे। उनकी पत्नी और छोटा पुत्र अपने गृहग्राम रांची गए हुए थे, जबकि घर में केवल वे और उनका बड़ा पुत्र मौजूद थे। शनिवार रात लगभग 9:30 बजे उनका पुत्र घर के बाहर परिसर में था। इसी दौरान घर में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास रहने वाले अधिकारी अपने घरों से बाहर निकल आए।जब लोगों ने नंदन के आवास की ओर देखा तो घर के भीतर आग की लपटें उठ रही थीं। बाहर खड़ा उनका पुत्र बेसुध होकर चिल्ला रहा था – पापा अंदर हैं... पापा अंदर हैं...
अधिकारियों ने दिखाई बहादुरी, लेकिन नहीं बच सकी जान.....स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास रहने वाले अधिकारी जी.एम. गुप्ता, निलेश अवधिया, मदन गोपाल, जे.पी. सोनी, अतुल चिंचोलकर सहित अन्य लोग तत्काल मदद के लिए पहुंचे। खिड़की से झांककर देखा गया तो रसोईघर में भीषण आग लगी हुई थी और के.बी. नंदन आग की चपेट में थे।तत्काल SECL रेस्क्यू टीम फायर ब्रिगेड और नगर सेना को सूचना दी गई। लोगों ने मुख्य दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह अंदर से बंद था दरवाजे में सेंटर लॉक लगा हुआ था काफी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा गया। अंदर पहुंचने पर रसोई का दरवाजा भी भीतर से बंद मिला। साहस का परिचय देते हुए अधिकारियों ने उसे भी तोड़ दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।अंदर का वीभत्स दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। के.बी. नंदन पूरी तरह झुलस चुके थे और गैस सिलेंडर से लगातार आग निकल रही थी। जान जोखिम में डालकर उन्हें बाहर निकाला गया और तत्काल क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दियाघटना की सूचना मिलते ही पूरे कॉलरी क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंच गए। चरचा माइंस के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय कुमार सिंह भी अस्पताल पहुंचे और गहरा शोक व्यक्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
रेस्क्यू टीम का साहसिक अभियान, जलते सिलेंडर को बाहर निकाला......
घटना की जानकारी मिलते ही SECL बैकुंठपुर क्षेत्र की रेस्क्यू टीम सक्रिय हो गई। रेस्क्यू प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने तत्काल फायर ब्रिगेड को रवाना किया और स्वयं सहयोगी सुनील कुमार वर्गीस के साथ अग्निशमन उपकरण लेकर निजी वाहन से घटनास्थल के लिए निकल पड़े।महज 10 मिनट में टीम मौके पर पहुंच गई। तब तक के बी नंदन को अस्पताल ले जाया जा चुका था, लेकिन घर के भीतर गैस सिलेंडर से आग की तेज लपटें निकल रही थीं। आसपास रहने वाले परिवार भयभीत थे।ऐसी विकट परिस्थितियों में भी रेस्क्यू प्रभारी और उनकी टीम बिना किसी डर के घर के भीतर पहुंचे, सिलेंडर की आग बुझाई और अत्यधिक गर्म हो चुके सिलेंडर को बाहर निकालकर संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।
घर बना गैस चैंबर, विस्फोट ने ली जान......प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके और भीषण गर्मी के कारण घर के भीतर लगे सिंथेटिक पर्दे कई स्थानों पर पिघल गए थे। कुछ सोफा कवर भी जल रहे थे, जबकि अन्य सामान अपेक्षाकृत सुरक्षित था।विशेषज्ञों का मानना है कि घर के दरवाजे बंद होने तथा सिलेंडर से लगातार गैस रिसने के कारण पूरा घर गैस चैंबर बन गया था। आग लगने के बाद गैस के संपर्क में आते ही भीषण विस्फोट हुआ, जिससे नंदन गंभीर रूप से झुलस गए।घटना के समय मुख्य दरवाजा और रसोई का दरवाजा दोनों अंदर से बंद थे। आखिर दोनों दरवाजे अंदर से क्यों बंद थे, यह अब पुलिस जांच का विषय बन गया है।
सूत्रों के अनुसार के.बी. नंदन वर्ष 2014 से चरचा कॉलरी में पदस्थ थे। बताया जाता है कि वे पिछले लगभग तीन वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे और नियमित रूप से ड्यूटी भी नहीं कर पा रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आनंद सोनी के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंची। एएसआई महानंदी, प्रधान आरक्षक अमित त्रिपाठी एवं शशिभूषण ने मामले की जांच प्रारंभ कर दी है। शव को अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रख दिया गया है तथा रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।






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