एक माह से लापता गर्भवती महिला का नहीं लगा सुराग, कार्रवाई में ढिलाई पर परिजनों ने एसपी व कलेक्टर से लगाई गुहार

एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। एक माह पूर्व लापता हुई गर्भवती महिला का अब तक कोई सुराग नहीं लगने से परेशान परिजनों ने नागपुर चौकी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एमसीबी जिले के पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर से मिलकर शिकायत की है। परिजनों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद नागपुर चौकी द्वारा मामले में गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण आज तक महिला का कोई पता नहीं चल सका। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर ने भी संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम मनसुख निवासी दौलत राम ने पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया है कि उसकी बहन सुनीता (34 वर्ष), पति रामबदन, ग्राम लाई, नागपुर (जिला एमसीबी) की निवासी है। वह लगभग तीन माह की गर्भवती थी तथा उसकी ढाई वर्ष की एक बेटी भी है। आवेदन के अनुसार 4 जून 2026 को दोपहर लगभग 3 बजे सुनीता बिना किसी को बताए घर से निकल गई, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया है।

परिजनों का कहना है कि सुनीता के पति रामबदन ने 6 जून 2026 को नागपुर चौकी में गुमशुदगी की सूचना दी थी, जिसके आधार पर गुम इंसान पंजीयन भी दर्ज किया गया। इसके बावजूद एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी महिला का कोई सुराग नहीं मिल पाया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा केवल औपचारिक कार्रवाई की गई और मामले की गंभीरता के अनुरूप खोजबीन नहीं की गई।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि घर से निकलते समय सुनीता अपने साथ मोबाइल फोन लेकर गई थी, जिसका नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराया गया था। परिजनों का कहना है कि मोबाइल बंद होने के बावजूद उसके तकनीकी विश्लेषण, संभावित स्थानों पर तलाश तथा अन्य आवश्यक जांच में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई।

महिला के लगातार लापता रहने और गर्भवती होने के कारण परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी कारण वे सोमवार को मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर से मिले तथा पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर ने नागपुर चौकी द्वारा एक माह तक प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले में गंभीरता से जांच करते हुए महिला की जल्द से जल्द तलाश करने तथा परिजनों को प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए।

परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जाए, ताकि गर्भवती महिला का शीघ्र पता लगाया जा सके और उसके परिवार को राहत मिल सके। फिलहाल पूरे मामले पर क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं और परिजन प्रशासन से त्वरित एवं ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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