'काम कर देंगे' नहीं, 'काम हो गया है' कहना होगा- कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, पाँच घंटे चली मैराथन समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी, गोलमोल जवाब से मिली फटकार


कोरिया बैकुंठपुर / जिला पंचायत के मंथन सभाकक्ष में बुधवार को आयोजित विभागवार समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाई देने चाहिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, 'काम कर देंगे, हो जाएगा' सुनना नहीं है, बल्कि 'काम हो रहा है, काम हो गया है' यह सुनना होगा।

करीब पाँच घंटे तक चली इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ग्रामीण यांत्रिकी, समाज कल्याण तथा जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही पर नाराजगी,

बैठक की शुरुआत पीएम जनमन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा से हुई। अधिकारियों ने बताया कि पीएम जनमन के तहत स्वीकृत 75 आवासों में से 53 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 21 अभी भी अपूर्ण हैं। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2024-26 के अंतर्गत स्वीकृत 16,363 आवासों में से 10,243 आवास पूर्ण हुए हैं। अपूर्ण आवासों की जानकारी लेते समय कई तकनीकी सहायक और अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि गोलमोल जवाब या गलत आंकड़ों से उन्हें भ्रमित करने की कोशिश न की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों ने आवास राशि का दुरुपयोग किया है, उनके विरुद्ध वसूली की कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए जाएं तथा नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

फील्ड में जाएं, काम देखें और पूरा कराएं,

कलेक्टर ने अधिकारियों को कार्यालय तक सीमित न रहने की सलाह देते हुए कहा कि सरकार वेतन इसलिए नहीं देती कि केवल फाइलों में काम होता रहे। अधिकारी फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण करें, गुणवत्ता परखें और समय पर कार्य पूर्ण कराएं। उन्होंने कहा कि ढर्रे पर काम करने की बजाय सिस्टम आधारित कार्यप्रणाली अपनानी होगी और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।

मनरेगा कार्यों की जमीनी हकीकत जानने की तैयारी,

मनरेगा की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 54,030 परिवार और 91,545 श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें 49,313 सक्रिय परिवार और 79,759 सक्रिय श्रमिक शामिल हैं। आजीविका डबरी निर्माण कार्यों की समीक्षा में सामने आया कि स्वीकृत 123 कार्यों में से 53 पूर्ण हुए हैं, जबकि 20 कार्य अब तक शुरू ही नहीं हो सके हैं। इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और वास्तविक स्थिति का निरीक्षण वे स्वयं करेंगी तथा मौके पर जाकर जानकारी लेंगी।

शौचालय निर्माण की धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी,

व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालय निर्माण की समीक्षा के दौरान प्रगति बेहद धीमी पाई गई। व्यक्तिगत शौचालयों के लक्ष्य के मुकाबले केवल 223 निर्माण पूर्ण हुए हैं, जबकि सामुदायिक शौचालयों में एक भी शौचालय पूर्ण नहीं हुआ है।

इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि 15 से 20 दिनों में बनने वाले कार्य महीनों तक लंबित क्यों हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का भी होगा निरीक्षण,

मझगंवा और लटमा में स्थापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने यूनिटों की कार्यप्रणाली और स्व-सहायता समूहों को हो रहे लाभ की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्वयं यूनिटों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगी।

गम्भीरता से करें नौकरी,

बैठक के अंत में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी पूरी तैयारी के साथ बैठकों में उपस्थित हों। उन्होंने कहा कि एक माह बाद पुनः समीक्षा की जाएगी और प्रगति का मूल्यांकन होगा।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा,  'नौकरी गम्भीरता से करें, जो जिम्मेदारी मिली है, उसका शत-प्रतिशत निर्वहन करें। कामचोरी छोड़ें और ऐसा कोई कार्य न करें जिससे शासन-प्रशासन की छवि धूमिल हो या शिकायतों को बढ़ावा मिले।' 

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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