राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जिला एवं ब्लॉक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


कोरिया बैकुंठपुर । 24 जनवरी 26 को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आदरणीय डॉ. प्रशांत सिंह के निर्देशानुसार जिले में व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला चिकित्सालय के साथ-साथ पटना, सोनहत एवं बचरा पोड़ी ब्लॉक स्तर पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके अधिकारों की जानकारी देना एवं कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान पीसीपीएनडीटी एक्ट (गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994) के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उपस्थित लोगों को बताया कि यह अधिनियम भ्रूण लिंग परीक्षण को प्रतिबंधित करता है तथा इसके उल्लंघन पर कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बालिकाओं का संरक्षण केवल कानून से नहीं बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव से ही संभव है।

इस अवसर पर नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। छात्राओं द्वारा आकर्षक रंगोली निर्माण एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बालिका सशक्तिकरण, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम, बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समान अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों को रचनात्मक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। रंगोली एवं पोस्टरों के माध्यम से छात्राओं ने यह संदेश दिया कि “बेटी बोझ नहीं, भविष्य है” और “शिक्षित बालिका, सशक्त समाज की नींव है”।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं आमजन ने छात्राओं की रचनात्मकता और सामाजिक चेतना की सराहना की। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का चयन निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सिविल सर्जन सह जिला चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. आयुष जायसवाल द्वारा विजेता छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. जायसवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान का समान अवसर देना ही राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का वास्तविक उद्देश्य है।

उन्होंने यह भी कहा कि आज की बालिकाएं कल की सशक्त महिलाएं बनकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा, लैंगिक समानता एवं कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संकल्प लिया।

इस प्रकार राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने की दिशा में एक सार्थक और प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।

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