नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कालरी .....चर्चा थाना क्षेत्र के ग्राम सरडी तलवारपारा में दो माह पूर्व तालाब में मिली एक लाश का मामला आखिरकार पुलिस ने सुलझा लिया। इस पूरे हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि जिस बेटे ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, वही इस हत्या का आरोपी निकला।दिनांक 16 जनवरी 2026को आरोपी अरविंद राजवाड़े निवासी ग्राम तलवा पारा ग्राम पंचायत सरडी ने चरचा थाना पहुंचकर सूचना दी थी कि उसके पिता शोभराम राजवाड़े की लाश घर से करीब 1 किमी दूर ननमुहारी तालाब में नग्न अवस्था में पड़ी है। प्रार्थी ने रिपोर्ट में यह भी लिखवाया की उसका पिता वर्ष 2001 से दूसरी पत्नी के साथ रहता था और उसके मरने के बाद उसके हिस्से की जमीन को बेच रहा था उसकी रिपोर्ट पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद किया। पानी में शव मिलने के कारण पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर ने शव के टिबिया बॉन को सुरक्षित रखा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शोभाराम की मृत्यु का कारण गला दबाकर हत्या करना पाया गया इसके अतिरिक्त पुलिस जांच के दौरान मुख्य गवाह उमाशंकर राजवाड़े के बयान ने केस को नया मोड़ दिया।उन्होंने बताया कि मृतक को उसकी पत्नी और बेटा अरविंद खुद घर ले गए थे, जबकि अरविंद इस बात से लगातार इनकार करता रहा की वह शोभाराम को लेने नहीं गया था यहीं से पुलिस को शक गहराया।
जमीन बना मौत की वजह...जांच में सामने आया कि मृतक शोभाराम अपनी जमीन बेच रहा था।15 जनवरी जब बड़ा बेटा राम कैलाश राजवाड़े बाहर से कम कर देर शाम घर पहुंचा तो उसे जानकारी मिली कि उसका पिता जमीन बेच रहा है इधर में हम उसकी मां खाना बनाने चली गई शराब के नशे में शोभाराम ने कहा कि मेरी जमीन है मैं भेजूंगा तुम लोग क्या कर लोगे यह बात सुनकर राम कैलाश गुस्से में आ गया।
और रात करीब 9 बजे वह अपने पिता को घर के पास सुनसान बाड़ी में ले गया
वहां जमीन को लेकर विवाद हुआ और राम कैलाश नेवोगुस्से में आकर गुस्से में आकर अपने पिता को जमीन पर पटक दिया औरदस्ताने पहनकर गला दबाकर हत्या कर दी शोभाराम के मरने पर राम कैलाश घबरा गया और घर जाकर अपने छोटे भाई अरविंद को जानकारी देकर मदद करने को कहा दोनों ने मिलकर शव को खेती में प्रयुक्त होने वाले धान धोने बांस की सिहरी में बांधा कर
घर से करीब 1 किमी दूर तालाब में ले जाकर नग्न अवस्था में फेंक दिया
और हत्या में इस्तेमाल दस्ताने भी जला दिए आरोपियों ने अपने पिता के 100 को नागदा हालत में इसलिए फेंका ताकि लोग यह भ्रमित हो जाएं की डूबने से उसकी मृत्यु हुई है।
थाना प्रभारी आनंद सोनी ने बारीकी से जांच करते हुए दोनों भाइयों से अपनापन जताते हुए मदद करने की बात कही जिससे पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS)की धाराओं के तहत मामला दर्ज करदोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया
व न्यायालय में पेश कियाजहां से उन्हें जेल भेज दिया गया इस जटिल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी आनंद सोनी , प्रधान आरक्षक बृजेश सिंह शशि भूषण आरक्षक साकेत मरकाम सैनिक सतीश सिंह की विशेष भूमिका रही यह घटना न केवल रिश्तों को शर्मसार करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जमीन के लालच में बेटा ही अपने पिता का कातिल बन गया— और साजिश इतनी शातिर थी कि खुद ही रिपोर्ट लिखाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई।

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