कोरिया जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल: बुजुर्गों के लिए राज्य का पहला वृद्धजन देखभाल केंद्र बना मिसाल


कोरिया बैकुंठपुर। कोरिया जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और जनोपयोगी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे ये प्रयास न केवल सराहनीय हैं, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनते जा रहे हैं। इन्हीं नवाचारों की कड़ी में कोरिया जिला एक बड़ी उपलब्धि के रूप में राज्य के पहले वृद्धजन देखभाल केंद्र (एल्डरली केयर सेंटर) के संचालन के कारण चर्चा में है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित यह वृद्धजन देखभाल केंद्र 1 अक्टूबर 2025 से निरंतर कार्यरत है। इस केंद्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य जिले के बुजुर्ग नागरिकों को समर्पित, समग्र और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। बढ़ती उम्र के साथ आने वाली शारीरिक, मानसिक और सामाजिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यहां विशेष रूप से ऐसी सुविधाएं विकसित की गई हैं, जो वृद्धजनों की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बना सकें।

इस केंद्र में बुजुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सामान्य रोगों के साथ-साथ उम्र से जुड़ी बीमारियों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, जोड़ों के दर्द, हड्डियों की कमजोरी और हृदय संबंधी समस्याओं की नियमित जांच की जाती है। इसके अलावा केंद्र में फिजियोथैरेपी सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं, जिससे बुजुर्गों की शारीरिक सक्रियता बनी रहे और वे आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।

वृद्धजन देखभाल केंद्र की एक विशेषता यहां उपलब्ध आयुष चिकित्सा सेवाएं हैं। आयुर्वेद, योग और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से बुजुर्गों को सुरक्षित और दीर्घकालिक लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही जरूरतमंद वृद्धजनों के लिए पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे बीमारी या दुर्घटना के बाद वे पुनः सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र में काउंसलिंग सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं। अकेलापन, अवसाद और पारिवारिक उपेक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रहे बुजुर्गों को यहां भावनात्मक सहारा और मार्गदर्शन मिल रहा है। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे समाज से दोबारा सक्रिय रूप से जुड़ पा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास “स्वस्थ वृद्धजन, सशक्त समाज” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। जिले में इस केंद्र के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया जा रहा है कि बुजुर्ग समाज का बोझ नहीं, बल्कि अनुभव और संस्कारों की अमूल्य धरोहर हैं। कोरिया जिले में शुरू की गई यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मील का पत्थर है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी का भी सशक्त उदाहरण है।

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