डीजीएमएस जांच में तीन अधिकारी दोषी......... खान प्रबंधक,वीटीओ व ठेकेदार पर फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप...... चर्चा खदान में ठेका श्रमिक की दुखद मृत्यु का मामला.....



नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट 

 चरचा कॉलरी.......एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र अंतर्गत चर्चा वेस्ट खदान में 22 अप्रैल 2025 को खान दुर्घटना के प्रकरण  में ठेका श्रमिक दिगेश्वर सिंह पिता शोभित सिंह की दुखद मृत्यु के प्रति प्रबंधन द्वारा कार्य के दौरान  गंभीर लापरवाही बरतने व जान बूझकर सुरक्षा को दरकिनार कर एसईसीएल के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही जेएमएस कंपनी व मैनपॉवर सप्लाई करने वाले दुबे एंड कंपनी अनूपपुर  के विरुद्ध खान सुरक्षा महानिदेशालय के जांच प्रतिवेदन पर व वीटीसी ट्रेनिंग के नाम पर कुट रचित फर्जी दस्तावेज तैयार करने के प्रति वोकेशनल ट्रेनिंग ऑफिसर चर्चा, खान प्रबंधक चर्चा एवं  आरोपी चर्चा वेस्ट खदान के ओवरमैन मिथिलेश कुमार पंजियारा ,माइनिंग सरदार शिव मूरत चर्मकार, जेएमएस कंपनी के सुपरवाइजर मनीष कुमार को दोषी मानते हुए धारा 318 ( 4),336 (1),338 340( 2) बी  एन एस के तहत दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। 

वोकेशनल ट्रेनिंग के फर्जी दस्तावेज ....... जेएमएस कंपनी में काम करने वाले ठेका मजदूरों के अनुसार कंपनी के द्वारा नियमाविरुद्ध पेटी ठेकेदार के माध्यम से कार्य कराया जाता है खदान के अंदर काम करने हेतु ठेकेदार परमानंद और मुंशी रामराज के द्वारा श्रमिकों से ₹20000 लिया गया ठेकेदार के द्वारा बीटीसी ट्रेनिंग भी नहीं कराया जाता जबकि खदान में काम करने के पूर्व बीटीसी ट्रेनिंग अनिवार्य होती है पुलिस विवेचना के दौरान  मृत ठेका श्रमिक के वोकेशनल ट्रेनिंग के फर्जी दस्तावेज ठेका कंपनी व कॉलरी प्रबंधन के द्वारा बनाया जाना माना गया है विवेचना दौरान मृतक दिगेश्वर सिंह की पत्नी सविता सिंह एवं गवाह सुरेंद्र सिंह का कथन लिया गया बीटीसी कार्यालय चर्चा से मृतक दिगेश्वर सिंह का प्रशिक्षण संबंधित दस्तावेज मूल प्राप्त किया गया जिसमें फर्जी रूप से कुत्टरचित दस्तावेज तैयार करना पाया गया जिसमें मैनपॉवर सप्लाई करने वाले दुबे एंड कंपनी के संचालक , वी टी ओ चरचा व खान प्रबंधक के द्वारा फर्जी रूप से वीटीसी दस्तावेज तैयार कर मृतक दिगेश्वर सिंह को प्रशिक्षित मजदूर होना बताया गया, दुबे एंड कंपनी के द्वारा रिफ्रेशर ट्रेनिंग हेतु प्रस्तुत आवेदन में अलग से डीगेश्वर सिंह का नाम जोड़ा जाना पाया गया वही जेएमएस कंपनी के अटेंडेंस रजिस्टर में 5 दिन की हाजिरी लगाई गई है जिसमें  चार जगह में डीगेश्वर सिंह के अलग-अलग तरह के  हस्ताक्षर हैं अटेंडेंस रजिस्टर में कई जगह खाली जगह छोड़ दी गई है ताकि उसे हेरा फेरी के दौरान भरा जा सके। 

डीजीएमएस की जांच में लापरवाही पाई गई ........... खदान के अंदर ब्रेकडाउन मशीन को निकालने के लिए तैयार की गई एस ओ पी का पालन किया गया होता और एस  ओ पी संख्या  24/217 दिनांक 2 12.2024 जिसे कोल माइंस रेगुलेशन 2017 के विनिमय 110( 4) के अंतर्गत प्रबंधक द्वारा बनाया गया है कि क्लाज 7 10 और 11 के अनुसार खींचने की प्रक्रिया के दौरान ट्वीन  बोल्टर और बैटरी हॉलर के पास अथवा उनके बीच किसी भी व्यक्ति को ट्रेलिंग केवल संभालने के लिए खड़े रहने की अनुमति न दी गई होती,,2.. एमवीटीआर 1966 की अनुसूची एक 11 के अनुसार ट्रेलिंग केवल हैंडलिंग का मूल प्रशिक्षण दिए बिना किसी व्यक्ति को अनाधिकृत रूप से ट्विन बोलटर की केवल संभालने के कार्य में ना लगाया होता जिससे कोल माइंस रेगुलेशन 2017 के विनिमय 239 के अंतर्गत कार्यरत व्यक्ति के जीवन को को लापरवाही से खतरे में डाला गया ,3,  फंसे हुए ट्विन बोल्टर को निकालने का कार्य शिफ्ट में तैनात वैधानिक व्यक्तियों की कड़ी निगरानी में सभी आवश्यक सावधानियां के साथ और उसकी तरीके से किया गया होता ताकि यह कार्य अधिनियम विनिमयों तथा तैयार किए गए आचार संहिता के प्रावधानों के अनुसार स्पष्ट रूप से लागू किया होता है जैसा की कोल माइंस रेगुलेशन 2017 के विनिमय 42  (1)45(1) (2)47(2)(b)( c)( d ) में अपेक्षित है तो यह दुर्घटना टाली ली जा सकती थी। 

      ठेका श्रमिक अंडर ग्राउंड कोयला खदान में फंसे हुए ट्विन बोल्डर बाल्टर की ट्रोलिंग केवल को संभालने के कार्य में लगा हुआ था जिसे स्टील चैन की सहायता से बैटरी हालर द्वारा खींचा जा रहा था तभी अचानक ट्विन बाल्टर जाम से मुक्त हो गया और वह कर्मचारी के पेट पर आकर लगा जिससे उसे गंभीर शादी की छोटे आई लगभग 2 घंटे बाद उन चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो गई। 

         इस पूरे मामले में एक बार फिर कोयला खदानों में ठेका श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था प्रशिक्षण प्रणाली और प्रबंधन की जवाब दे ही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते नियमों का पालन किया जाता और वास्तविक प्रशिक्षण दिया गया होता तो यह हादसा टल सकता था। 

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