हायर सेकेंडरी स्कूल सलका में कबाड़ बिक्री को लेकर गंभीर सवाल, जांच की उठी मांग


कोरिया बैकुंठपुर। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के समीप स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सलका इन दिनों विवादों में घिरा हुआ है। विद्यालय के प्राचार्य रमाशंकर साहू पर शाला की पुरानी टेबल-कुर्सी सहित अन्य शासकीय सामान को बिना किसी पूर्व सूचना, बिना शाला प्रबंधन समिति की जानकारी और शिक्षकों को अवगत कराए, शीतकालीन अवकाश के दौरान बेचने का आरोप लगा है। यह कथित घटना दिनांक 23 दिसंबर को शाम के समय की बताई जा रही है, जिसने स्कूल प्रबंधन की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शीतकालीन अवकाश के कारण विद्यालय बंद था। इसी दौरान प्राचार्य द्वारा कबाड़ के नाम पर स्कूल परिसर से पुरानी टेबल-कुर्सी एवं अन्य सामग्री बाहर ले जाकर बेच दी गई। आश्चर्यजनक बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी न तो शाला प्रबंधन समिति को दी गई और न ही किसी शिक्षक-शिक्षिका को। नियमों के अनुसार शासकीय विद्यालय की किसी भी संपत्ति की नीलामी अथवा बिक्री से पूर्व शाला प्रबंधन समिति की अनुमति, प्रस्ताव एवं विधिवत प्रक्रिया का पालन आवश्यक होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।

शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। यदि वास्तव में कबाड़ बिक्री की गई है तो उसका प्रस्ताव, नीलामी प्रक्रिया, प्राप्त राशि और उसका उपयोग स्पष्ट किया जाना चाहिए। समिति के सदस्यों ने आशंका जताई है कि यह केवल पुराने फर्नीचर तक सीमित मामला नहीं हो सकता, बल्कि स्कूल से अन्य उपयोगी सामान के भी गायब होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं में भी इस घटना को लेकर रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि प्राचार्य द्वारा एकतरफा निर्णय लेना न केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे विद्यालय की छवि भी धूमिल हो रही है। शिक्षकों के अनुसार, यदि सामान वास्तव में अनुपयोगी था तो भी उसकी विधिवत सूची बनाकर, समिति की बैठक बुलाकर, पारदर्शी प्रक्रिया से नीलामी की जानी चाहिए थी।

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी इस मामले में नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि शासकीय स्कूल की संपत्ति जनता की होती है और उसका उपयोग या निस्तारण पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। शीतकालीन अवकाश का फायदा उठाकर शाम के समय सामान बेचने की बात संदेह को और गहरा करती है।

सूत्रों के अनुसार, केवल कबाड़ ही नहीं, बल्कि स्कूल से कुछ अन्य सामान के भी गायब होने की आशंका जताई जा रही है, जो अब जांच का विषय बन गया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से जांच की मांग उठ रही है।

फिलहाल, हायर सेकेंडरी स्कूल सलका के प्राचार्य की कथित मनमानी के कारण विद्यालय का वातावरण तनावपूर्ण बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाती है या नहीं। स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

 इस संबंध में स्कूल के प्राचार्य रमाशंकर साहू ने बताया कि इस प्रकार उचित तो नहीं है लेकिन ठंड के कारण शिक्षक शिक्षिका नहीं आ पाई और शाला प्रबंधन समिति से भी बात नहीं हो पाई तथा कबाड़ लेने वाले के पास समय नहीं था शाम के समय कबाड़ वाला समय दिया निश्चित तौर पर यह सब ठंड और कबाड़ के समय के आधार पर बेच दिया गया। 

वही इस गंभीर मामले को लेकर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने पर उन्होंने अभिज्ञता जाहिर करते हुए बताया कि मुझे मालूम नहीं है लेकिन मामला गंभीर है जानकारी लेकर ही कुछ बता पाऊंगा।

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