यातायात नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक, महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता — कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी


कोरिया बैकुंठपुर । जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोरिया जिले की कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने जिलेवासियों से यातायात नियमों के पालन और महिला सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार रवैया अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ सुरक्षा और अनुशासन भी उतने ही अनिवार्य हैं। यदि समाज सुरक्षित है, तो प्रगति सुनिश्चित है। इसी दृष्टिकोण के साथ प्रशासन ने हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, महिला हेल्पलाइन 1091 पर शिकायत करने की अपील, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर परिजनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, और स्कूल–कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

कलेक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतें और गंभीर चोटें अक्सर लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। ऐसे हादसे न केवल एक परिवार की संरचना को तोड़ देते हैं, बल्कि समाज को भी गहरा आघात पहुंचाते हैं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया—

“हेलमेट और सीट बेल्ट केवल कागजी नियम नहीं, जीवन की ढाल हैं। इनका पालन हर नागरिक का कर्तव्य है।”

यातायात सुरक्षा: नियम कड़े, पालन अनिवार्य

कलेक्टर त्रिपाठी ने कहा कि जिले में वाहन चलाने वालों के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन के निर्देश पर पुलिस एवं परिवहन विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाएगा, जिसके अंतर्गत बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना और बिना सीट बेल्ट चारपहिया वाहन चलाने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नियम लागू करने का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि जीवन बचाना है।

“अक्सर लोग सोचते हैं कि थोड़ी देर के लिए बिना हेलमेट या सीट बेल्ट चले तो क्या फर्क पड़ेगा। लेकिन हादसा समय देखकर नहीं आता। एक नियम आपका जीवन बचा सकता है।”

कलेक्टर ने यह भी कहा कि अभियान सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि लोगों को जागरूक करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने नागरिकों से स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने की अपील की ताकि बच्चे और युवा सुरक्षित व्यवहार सीख सकें।

नाबालिग यदि चलाएंगे वाहन, जिम्मेदारी होगी माता-पिता की

बढ़ते सड़क हादसों और यातायात उल्लंघन को देखते हुए कलेक्टर ने सबसे गंभीर मुद्दा नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने को बताया। उन्होंने कहा कि कानून स्पष्ट है—नाबालिग वाहन चलाएंगे तो उसके अभिभावकों और वाहन मालिकों पर कार्रवाई निश्चित है।

उन्होंने कहा—

“बच्चों की जिद में उनकी जिंदगी को खतरे में न डालें। 18 वर्ष से कम उम्र में वाहन चलाना न केवल अवैध है बल्कि बच्चों के भविष्य के लिए भी बड़ी जोखिम है। माता-पिता और अभिभावकों को इस मामले में कड़ा रुख अपनाना होगा।”

कलेक्टर के निर्देश के बाद प्रशासन ने ऐसे मामलों में चालान, वाहन जब्ती और आवश्यक कानूनी कार्रवाई को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। उद्देश्य है—बच्चों की सुरक्षा और जिम्मेदार पैरेंटिंग को बढ़ावा देना।

महिला सुरक्षा सर्वोच्च—1091 हेल्पलाइन पर तुरंत करें शिकायत

कलेक्टर त्रिपाठी ने बैठक में महिला सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिले की प्रत्येक महिला, बच्ची और युवती को यह भरोसा होना चाहिए कि प्रशासन सदैव उनके साथ है।

उन्होंने कहा—

“यदि किसी भी स्थान पर महिला असुरक्षित महसूस करे, उत्पीड़न, धमकी या गलत व्यवहार का सामना करे, तो बिना देरी के 1091 हेल्पलाइन पर शिकायत करें। यह नंबर सिर्फ एक सुविधा नहीं, यह सुरक्षा की गारंटी है।”

उन्होंने महिलाओं से संकोच छोड़कर बिना डर अपनी आवाज उठाने की अपील की और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से आग्रह किया कि महिला-सम्मान और सुरक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी की तरह अपनाएँ।

साथ ही पुलिस विभाग को निर्देश दिया गया है कि महिला सुरक्षा से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और शिकायतों पर संवेदनशीलता व गंभीरता के साथ प्रतिक्रिया दी जाए।

स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान: सुरक्षा की शुरुआत शिक्षा से

कलेक्टर ने घोषणा करते हुए बताया कि जिले के स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, जिनमें यातायात नियम, महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आपातकालीन हेल्पलाइन और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा—

“युवा पीढ़ी जागरूक होगी तो आने वाला समाज और सुरक्षित होगा। जागरूकता ही सुरक्षा का पहला चरण है।”

इस अभियान में पुलिस, परिवहन विभाग, सामाजिक संगठन, एनसीसी, एनएसएस और पत्रकारों को भी जोड़ा जाएगा। उद्देश्य है कि संदेश व्यापक रूप से फैले और व्यवहारिक परिवर्तन आए। उन्होंने शिक्षकों से भी अपील की कि वे बच्चों में सुरक्षित व्यवहार के संस्कार विकसित करें।

सामाजिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक संकल्प—दोनों आवश्यक

कलेक्टर त्रिपाठी ने कहा कि नियम बनाने और अभियान चलाने से ही परिणाम नहीं मिलेंगे, तब तक नहीं जब तक समाज स्वयं जिम्मेदार न बने। उन्होंने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और युवाओं से आग्रह किया कि वे यातायात और महिला सुरक्षा को व्यक्तिगत आदत बनाएं।

उन्होंने कहा—

“प्रशासन अपना कार्य करेगा, लेकिन सुरक्षा तभी सुनिश्चित होगी जब हर नागरिक अपनी भूमिका समझे। सुरक्षित सड़कें और सम्मानजनक समाज केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, सामूहिक जिम्मेदारी से बनता है।”

 सुरक्षा नियमों का पालन करें, जीवन को प्राथमिकता दें

कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी का संदेश स्पष्ट है—

हेलमेट और सीट बेल्ट आपका सुरक्षा कवच हैं

नाबालिगों को वाहन न सौंपें

महिलाओं की सुरक्षा में समाज की भागीदारी अनिवार्य है

जागरूकता की शुरुआत घर और स्कूल दोनों से होनी चाहिए

जिलेवासियों के लिए यह संदेश चेतावनी भी है और अपील भी—

“नियमों का पालन केवल हादसों से बचने के लिए नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और सम्मानजनक समाज बनाने के लिए आवश्यक है।

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