सरई की छांव में सुशासन सप्ताह के विशेष शिविर का आयोजन, स्वास्थ्य जांच, प्रमाण पत्र, पौधा रोपण, आयुष्मान कार्ड और किसानों को दी गई सामग्री,


कोरिया बैकुंठपुर/ भारत सरकार के सुशासन सप्ताह - प्रशासन गाँव की ओर अभियान के अंतर्गत जिले में 21 दिसंबर 2025 को सोनहत विकासखण्ड के ग्राम घूघरा में आज सुशासन सप्ताह के तीसरे चरण के अंतर्गत सरई की छांव में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में भरतपुर-सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह विशेष रूप से उपस्थित हुए।

जलसंरक्षण थीम पर आधार आज की शिविर में सभी विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई । जिसमें से स्वास्थ्य विभाग ने निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई एवं पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष के बच्चों को पोलियो का खुराक पिलाया गया। आयुष विभाग ने निःशुल्क आयुष काढ़ा व दवाइयां वितरण की गई। कृषि विभाग ने 10 किसानों को मसूर के बीज, 5 वनाधिकार पट्टाधारी किसानों को पावर स्पेयर प्रदान की गई। अनुविभाग सोनहत द्वारा 4 आय, 1 निवास, 3 जाति, 2 सीमांकन, 3 जनहानि प्रमाण पत्र वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ महिला कोष योजना अंतर्गत 2 महिलाओं को चेक प्रदान किया गया। 

"आवा पानी झोंकी" अभियान के तहत शिविर में जल संरक्षण के महत्व को दर्शाते हुए अतिथियों ने आम के पेड़ों पर पानी डाला। साथ ही, 5 प्रतिशत मॉडल प्रदर्शनी लगाई गई, सोख्ता गड्ढे का निर्माण किया गया और बड़ी संख्या में पौधारोपण किया गया।

विधायक रेणुका सिंह ने लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि आज छुट्टी के दिन प्रशासन आपके द्वारा पे आया है, और आप लोगों को प्रशासनिक योजनाओं की जानकारियां प्रदान कर रहे है। यहां सभी विभागों ने अपने अपने विभागीय जानकारी दिए है सभी इसका लाभ उठाएं। जल संरक्षण की महत्व को बताते हुए उन्होंने जल, जंगल के संरक्षण करने का लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि हम लोग बहुत खूबनसीब है जो प्रकृति से घिरे हुए है, शुद्ध हवाएं हमे प्राप्त हो रहे है। इसका दुरुपयोग न करें। उन्होंने कहा  हमें अगर पानी चाहिए तो इसके लिए जंगल का होना अति आवश्यक है। जल जंगल और संस्कृति हमारी धरोहर है, यही हमारा पहचान है इसका हमें दुरुपयोग नहीं करना है। 

कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी लोगों की सुशासन सप्ताह की जानकारी देते हुए कहा कि हम पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेई की जन्म दिवस पर सुशासन दिवस मनाते है और  19 दिसंबर से 25 दिसंबर को सुशासन सप्ताह मनाते है, इसी प्रकार आज घूघरा में विशेष शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर बहुउद्देशीय है, इस शिविर के माध्यम से प्रशासन गांव की ओर प्रस्थान करती और लोगों के समस्याओं से रूबरू हहोती है। 

कलेक्टर ने लोगो से जल जंगल को संरक्षित करने की अपील की और जंगल में दावगनी जैसे समस्या न हो इसके लिए आग लगने वाले माध्यमों को जंगल में उपयोग ना करने की बात कही। उन्होंने कहा पेड़ो का होना पानी के बहाव को रोकता है जिससे पानी भूमिगत होता है और उसी पानी को हम पीते है। जल संसाधन हमारे लिए अति आवश्यक है अतः सभी अपने घरों में पेड़ लगाए एवं अपने घरों शोखता गड्ढा अवश्य बनाएं। ताकि पानी भूमिगत हो और भूजल स्तर बढ़ सके।

इस शिविर मे वन मंडला अधिकारी चंद्रशेखर शंकर सिंह परदेशी, जिला पंचायत अध्यक्ष  मोहित पैकरा, जिलापंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य शिवकुमारी, जनपद सदस्य आशादेवी सोनपाकर, अनुविभागीय अधिकारी सोनहत, जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोनहत,  संबंधित विभागीय अधिकारी कर्मचारी एवं भारी संख्या में उपस्थित रहे।

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