कोरिया/बैकुंठपुर। कोरिया जिले में शासन की महत्वाकांक्षी धान खरीदी योजना के अंतर्गत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य तेजी से और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, के प्राधिकृत अधिकारी रवि शर्मा , भाजपा के वरिष्ठ नेता जवाहर गुप्ता तथा कार्य में लगे राजस्व निरीक्षक पटवारी योगेश गुप्ता तथा कृषि विभाग के अधिकारियों के द्वारा धान खरीदी का कार्य शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। समिति द्वारा यह विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि क्षेत्र के कृषकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके।
धान खरीदी प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से समिति में धान जमा करने से पूर्व किसानों एवं उनके धान का विधिवत सत्यापन किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किसानों की पंजीयन स्थिति, दस्तावेजों तथा लाए गए धान की मात्रा की जांच की जा रही है। सत्यापन उपरांत ही धान की खरीदी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता की संभावना को रोका जा सके।
शासन के निर्देशानुसार धान के वजन की सटीकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक एवं मानक तराजुओं के माध्यम से वजन किया जा रहा है तथा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपयोग में लाए जाने वाले बारदाने पर स्टेंसिल अंकित हो, जिससे धान की पहचान एवं रिकॉर्ड संधारण में किसी प्रकार की समस्या न आए। समिति प्रबंधन द्वारा पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है।
धान खरीदी के दौरान गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। नमी रहित एवं निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप धान की ही स्वीकृति की जा रही है। धान की गहन जांच की जा रही है और जो धान शासन द्वारा तय मापदंडों पर खरा नहीं उतरता, उसे तत्काल किसानों को वापस किया जा रहा है। वहीं, यदि धान संदिग्ध पाया जाता है, तो नियमानुसार जब्ती पत्रक बनाने की कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
शासन की मंशा के अनुरूप धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो, इसके लिए समय-समय पर संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान धान खरीदी की प्रत्येक प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण, वजन प्रणाली एवं गुणवत्ता जांच की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर पटना आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में धान खरीदी का कार्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुचारू, पारदर्शी एवं किसान-हितैषी तरीके से संचालित किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के कृषकों में संतोष का वातावरण बना हुआ है और उन्हें सरकारी व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। किसानों को उम्मीद है कि इस पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य समय पर प्राप्त होगा।


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