नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कालरी.......भारत गैस की अधिकृत विक्रेता निक्की गैस एजेंसी, सोनहत द्वारा चर्चा कोलरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं से एलपीजी सिलेंडर रिफिलिंग के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का मामला अब गंभीर कानूनी अपराध का रूप ले चुका है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कंपनी द्वारा निर्धारित ₹945 की वैधानिक दर के विपरीत ₹980 से लेकर ₹1000 तक प्रति सिलेंडर वसूला जा रहा है, जो कि शासन, तेल कंपनी एवं उपभोक्ता कानूनों की खुली अवहेलना है।
कानूनी धाराओं का सीधा उल्लंघन....निक्की गैस एजेंसी की यह मनमानी जानबूझकर शासकीय दिशा निर्देशों की अवहेलना है एलपीजी (विनियमन आपूर्ति एवं वितरण) आदेश, 2000 धारा 3(1): अधिकृत वितरक केवल वही मूल्य वसूल सकता है जो तेल कंपनी/शासन द्वारा अधिसूचित हो।अतिरिक्त भाड़ा, सेवा शुल्क या अन्य कोई राशि लेना अपराध की श्रेणी में आता है।धारा 7 के अंतर्गत तय मूल्य से अधिक वसूली करने पर जुर्माना एवं कारावास का प्रावधान है।एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तु में कालाबाजारी एवं अवैध वसूली गंभीर दंडनीय अपराध है व अनुचित व्यापार व्यवहार है।
भाड़ा’ के नाम पर खुली धोखाधड़ी.........निक्की गैस एजेंसी प्रतिनिधियों द्वारा यह कहना कि ₹35 प्रति सिलेंडर भाड़ा अलग से लिया जाता है, न तो किसी सरकारी अधिसूचना में दर्ज है और न ही गैस बिल में। यह सीधे तौर पर फर्जी वसूली एवं उपभोक्ता को भ्रमित करने की साजिश प्रतीत होती है चर्चा कालरी के उपभोक्ता मोहम्मद आरिफ ने गैस एजेंसी के द्वारा की जा रही अवैध भाड़ा वसूली पर आक्रोश व्यक्त किया उनसे ₹980 की मांग की गई थी वहीं सुभाष नगर विवेकानंद कॉलोनी के रहने वाले कई उपभोक्ताओं ने बताया कि हमसे ₹1000 तक लिए जाते हैं शहरी क्षेत्र नगर पालिका शिवपुर चर्चा में जब भाड़ा वसूली का यह हाल है तो यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि एजेंसी के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कितनी ज्यादा अवैध भाड़ा राशि वसूली जाती होगी जानकारी के अनुसार उपभोक्ताओं से प्रति सिलेंडर 80 से 150 रुपए तक अतिरिक्त वसूली की जा रही है जबकियह भाड़ा वसूली राशि सरकारी नियमों के अनुसार पूरी तरह अवैध है इस प्रकार एजेंसी द्वारा प्रतिदिन हजारों रुपए के अवैध कमाई केवल वाहन किराए के मध्य में की जा रही है
इंडेन गैस से तुलना ने खोली पोल...... नगर पालिका शिवपुर चर्चा क्षेत्र में इंडेन गैस की गृह वितरण सेवा बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पारदर्शी ढंग से संचालित हो रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि निक्की गैस एजेंसी की मनमानी प्रशासनिक संरक्षण या लापरवाही के बिना संभव नहीं है।
एजेंसी के द्वारा कई जगह किए गए हैं अवैध भंडारण...... . विश्वस्थ सूत्रों के अनुसार कई जगहों पर अपने प्रभाव व दबदबे के बल पर अवैध रूप से भरे हुए गैस सिलेंडर का नियम विरुद्ध स्टॉक भंडारण किया जाता है भंडारण के क्रम में अपने खास लोगों के घरों पर 10 से12 सिलेंडर रख दिए जाते हैं जिन्हें वे लोग जरूरतमंद लोगों को 1000 से लेकर 11सो रुपए तक की राशि में देते हैं अवैध रूप से भंडारण के दौरान अप्रिय घटना घटित हो सकती है तब जिम्मेदारी किसकी होगी यह तय करना होगा,
प्रशासन की भूमिका पर सवालिया प्रश्न चिन्ह........अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन आवश्यक वस्तुओं में हो रही इस खुली लूट पर कार्रवाई करेगा या उपभोक्ता इसी तरह शोषण झेलने को मजबूर रहेंगे। यदि शीघ्र कठोर कदम नहीं उठाए गए तो यह मामला जन आंदोलन का रूप ले सकता है।


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