नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कालरी…… कोरिया जिले में कार्यरत महिला मितानिनों ने अपनी जायज मांगों को लेकर कोरिया जिला कलेक्टर के समक्ष ज्ञापन सौंपा। छत्तीसगढ़ मितानिन नागरिक जागरूक संस्था, जिला कोरिया द्वारा प्रेषित पत्र में उल्लेख किया गया कि मितानिनों का मानदेय अगस्त 2025 से लंबित है और भुगतान नियमित रूप से नहीं हो पा रहा है। कई बार भुगतान टुकड़ों में किया जाता है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि राज्य एवं केंद्र से कितना भुगतान प्राप्त हुआ।ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में 8 दिसंबर से 31 दिसंबर तक कुष्ठ रोग एवं टीबी का सर्वे किया जा रहा है। इसके पश्चात 21, 22 व 23 दिसंबर को पोलियो सर्वे तथा नवजात से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया जाएगा। मितानिन बहनें घर-घर जाकर पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ यह जिम्मेदारी निभा रही हैं।मितानिन बहनों ने बताया कि वे दिन-रात, हर परिस्थिति में जनहित के कार्यों में जुटी रहती हैं। डिलीवरी केस हो या आपात स्थिति, वे बिना समय की परवाह किए जिला चिकित्सालय तक जिम्मेदारीपूर्वक पहुंचाती हैं। इसके बावजूद समय पर भुगतान न मिलना उनके लिए गंभीर समस्या बना हुआ है।
मितानिनों की प्रमुख मांगों में—हर माह नियमित भुगतान, दीवार लेखन के कार्य का भुगतान, तथा एचआरपी (HRP) की कटौती न होने पर विशेष ध्यान देना शामिल हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनके परिश्रम और सेवाभाव का सम्मान करते हुए भुगतान व्यवस्था को सुचारू किया जाए।ज्ञापन सौंपने के दौरान मितानिन संघ की शिल्पा शर्मा, रूबी विश्वकर्मा, प्रीति ,सुल्ताना, संगीता, रशीदा, महेसिया फुल सुंदरी, मोहनी, हेमलता, शिमला, मोहरमनिया सहित बड़ी संख्या में मितानिन बहनें उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि वे जनसेवा के अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाती रहेंगी, किंतु उनके अधिकारों और मेहनत का उचित मूल्यांकन भी आवश्यक है।


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