नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कालरी......चरचा-कटघोरी सड़क निर्माण की मांग अब केवल कुछ लोगों की आवाज नहीं रह गई है, बल्कि यह क्षेत्र के नागरिकों और व्यापारियों की जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा बनती जा रही है। दिसंबर 2026 में प्रस्तावित नगर पालिका शिवपुर-चरचा के निकाय चुनाव से पहले सड़क निर्माण की मांग को लेकर व्यापारियों ने अपना समर्थन जताते हुए प्रतिष्ठानों में मतदान बहिष्कार के बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। इन बैनरों के माध्यम से व्यापारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़क की समस्या का समाधान नहीं होने पर वे चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे व्यापारियों ने यह भी कहा कि इस अतिआवश्यक मांग को पूरा करने के लिए क्षेत्र की जनता सड़क पर आएगी।
चरचा बाजार के विभिन्न प्रतिष्ठानों में लगाए गए बैनरों पर लिखा है चरचा-कटघोरी सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं होने की वजह से मैं नगर पालिका शिवपुर-चरचा चुनाव का बहिष्कार करता हूं। साथ ही, सड़क की स्थिति को दर्शाते हुए *पहले सड़क, फिर वोट”* का संदेश भी दिया गया है। यह संदेश क्षेत्र की उस पीड़ा को सामने लाता है, जिससे स्थानीय नागरिक और व्यापारी लंबे समय से जूझ रहे हैं।
सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, चरचा के भविष्य का सवाल....
चरचा-कटघोरी सड़क क्षेत्र के आवागमन, व्यापार और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। सड़क की समस्या का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आम नागरिकों, दुकानदारों, मरीजों, विद्यार्थियों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को भी प्रभावित करता है। खराब सड़क के कारण लोगों को होने वाली परेशानी के साथ व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाला असर भी चिंता का विषय है व्यापारियों का इस मांग के समर्थन में आगे आना इस बात का संकेत है कि सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर अपेक्षाएं बढ़ रही हैं। प्रतिष्ठानों में लगाए गए बैनर अब जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करने का माध्यम बन रहे हैं।
दिसंबर में होने वाले निकाय चुनाव से पहले चरचा-कटघोरी सड़क का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। चुनाव लोकतंत्र में जनता को अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं सामने रखने का अवसर देता है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों की मांग है कि सड़क निर्माण के विषय को केवल चुनावी चर्चा या आश्वासन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट करते हुए निर्माण की दिशा में ठोस पहल की जाए।संबंधित विभाग और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण की स्वीकृति, बजट, कार्ययोजना तथा निर्माण शुरू होने की संभावित समय-सीमा के संबंध में स्पष्ट जानकारी सामने लाएं, ताकि लोगों को पता चल सके कि उनकी वर्षों से चली आ रही मांग पर कार्रवाई कब तक होगी।
चरचा बचाव मंच द्वारा चरचा-कटघोरी सड़क निर्माण की मांग को क्षेत्र के विकास और स्थायित्व से जोड़कर उठाया जा रहा है। मंच का उद्देश्य चरचा के नागरिकों और व्यापारियों की समस्याओं को सामने लाना तथा क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित करना है।सड़क निर्माण की मांग के समर्थन में व्यापारियों की भागीदारी इस मुद्दे को व्यापक जनसमर्थन मिलने का संकेत देती है। हालांकि मतदान बहिष्कार का निर्णय व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर नागरिकों का विषय है, लेकिन इसके पीछे उठ रही मूल मांग—बेहतर सड़क और सुगम आवागमन—का समाधान जनहित में महत्वपूर्ण है।चरचा के नागरिकों की अपेक्षा है कि उनकी आवाज को विरोध मात्र समझकर नजरअंदाज न किया जाए। सड़क किसी एक व्यक्ति, दुकान या संगठन की जरूरत नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की साझा आवश्यकता है। यदि सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से लंबित है, तो संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इसकी वास्तविक स्थिति की समीक्षा कर समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।
*आखिर जनता कब तक परेशानी झेलती रहेगी? चरचा के व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों में बैनर लगाकर अपनी नाराजगी और अपेक्षाएं सामने रख रहे हैं। अब जरूरत है कि जिम्मेदार पक्ष इस आवाज को गंभीरता से सुनें और सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल करें, ताकि चरचा के लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिले और क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सके।चरचा बचाव मंच का संदेश स्पष्ट है चरचा-कटघोरी सड़क बनाओ, क्षेत्र का विकास कराओ। जनता को राहत मिले, व्यापार को सहारा मिले और चरचा को विकास की राह मिले।





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