कोरिया बैकुंठपुर। जिला कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के आदेशानुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बलवंत सिंह, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ आयुष जयसवाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अशरफ अंसारी एवं जिला नोडल अधिकारी (मानसिक स्वास्थ्य) डॉ कार्तिकेय सिंह के मार्गदर्शन में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के अवसर पर आज का मुख्य बिंदु डी एम एच पी सेवा, रेफरल दिवस, सीबीटी, काउंसलिंग एवं मनोवैज्ञानिक समस्याओं के प्रति जागरूकता डेस्क का आयोजन किया गया l कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक रोगियों एवं उनकी देखभाल करने वाले परिजनों के लिए मानसिक रोग, तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नशा मुक्ति के तरीके, मोबाइल की लत से बचने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
डॉ सुभाशीष करण (चिकित्सा अधिकारी, मानसिक) द्वारा कार्यक्रम के अंतर्गत एन एम एच पी ओपीडी में रेफरल मरीजों का स्क्रीनिंग एवं फार्मकोथेरापी की सेवा दिया गया l
तनाव प्रबंधन एवं मोबाइल की लत पर विषेशज्ञों ने दी जानकारी - तनाव के कारणों को पहचानने, सकारात्मक सोच विकसित करने, नियमित दिनचर्या अपनाने, पर्याप्त नींद लेने एवं शारीरिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मानसिक तनाव या किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उसे मन में दबाकर रखने के बजाय दोस्तों, परिवार के सदस्यों अथवा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बात करनी चाहिए।
क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ सुमन कुमार द्वारा रोगियों का स्क्रीनिंग, रिलेक्सेशन थेरेपी एवं सीबीटी दिया गया l रेफरल मरीजों को आज पहला सायकोथैरेपी का पहला सत्र के अलावे आगे भी और सत्र ले लिए बुलाया गया l
कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ आयुष जयसवाल ने संदेश दिए कि मानसिक स्वास्थ्य, समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न अंग है। जिस प्रकार शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल आवश्यक है, उसी प्रकार मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। समय पर अपनी समस्याओं को साझा करना, दूसरों की भावनाओं को समझना तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेना एक स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 के बारे में दी गई जानकारी -
कार्यक्रम के दौरान मनोचिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता पुलेंद्र मोहले ने भारत सरकार की टेली-मानस (Tele-MANAS) मानसिक स्वास्थ्य सेवा के बारे में भी जानकारी दिए। उन्हें बताया गया कि मानसिक तनाव, चिंता, भावनात्मक परेशानी अथवा अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समय सहायता प्राप्त करने के लिए भारत सरकार द्वारा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 उपलब्ध कराया गया है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से देशभर में 24 घंटे, सातों दिन निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श एवं सहायता प्राप्त की जा सकती है। प्रतिभागियो को प्रेरित किया गया कि वे स्वयं तथा अपने परिवार और परिचितों को भी इस सुविधा के प्रति जागरूक करें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता प्राप्त की जा सके। कार्यक्रम में 21 मरीज जिनमें मुख्यतया एंजाइटी, समेटोफोम डिसऑर्डर, अवसाद, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी एवं स्किज़ोफ्रेनिया के मरीज लाभान्वित हुए जिन्हें दवाइयाँ, सीबीटी, रिलेक्सेशन थेरेपी एवं काउंसलिंग की सुविधा प्रदान की गई l कार्यक्रम को सफल बनाने में मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ ए के सिंह, मेडिकल ऑफिसर डॉ अमरदीप जायसवाल, डॉ इन्द्रेश सिंह, डॉ रमाकांत, अस्पताल प्रबंधक श्रीमती प्रियंका कुरील एवं अस्पताल के अन्य स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा l



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