नगर पालिका बैकुण्ठपुर में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पार्षद ने उठाए सवाल, जांच की मांग, पार्षद संजय जायसवाल ने अध्यक्ष व सीएमओ को सौंपा आवेदन, सामान्य सभा की बैठक में प्रमुख मुद्दों पर चर्चा और कार्रवाई की मांग


कोरिया बैकुण्ठपुर । नगर पालिका परिषद बैकुण्ठपुर में विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 20 के पार्षद संजय जायसवाल ने 11 सितंबर 2026 को नगर पालिका अध्यक्ष नविता शैलेश शिवहरे एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आवेदन सौंपकर सामान्य सभा की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा एवं निर्णय लिए जाने की मांग की है। पार्षद ने अपने आवेदन में नगर पालिका के पूर्व में हुए कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितता, जलापूर्ति के लिए किए गए पाइपलाइन विस्तार कार्य में लापरवाही तथा परिषद की बैठकों की कार्यवाही आम नागरिकों तक नहीं पहुंचने का मुद्दा उठाया है।

पार्षद ने आवेदन में सामान्य सभा की बैठक के संबंध में प्राप्त पत्र क्रमांक 2776 का उल्लेख करते हुए कहा है कि बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 1 से 12 तक के विषयों पर विचार एवं निर्णय लिया जाना है। उन्होंने मांग की है कि महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने से पहले संबंधित मामलों की जांच कराई जाए, ताकि नगर पालिका की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।

25 से 30 लाख रुपये के भुगतान में कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग

आवेदन के पहले बिंदु में पार्षद संजय जायसवाल ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका बैकुण्ठपुर में पूर्व में लगभग 25 से 30 लाख रुपये की राशि का भुगतान डिजिटल, पेट्रोल आदि से संबंधित समाचार पत्रों के माध्यम से कथित भ्रष्टाचार के रूप में किए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने कहा कि इससे नगर पालिका की छवि प्रभावित हुई है।

पार्षद ने सामान्य सभा में संबंधित विषय पर चर्चा करते हुए पूरे मामले की जांच कराने तथा जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि परिषद की बैठक में प्रस्तावों पर निर्णय लेने से पहले वित्तीय मामलों की स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है।

34 करोड़ की जलापूर्ति योजना में पाइपलाइन कार्य पर सवाल

आवेदन के दूसरे बिंदु में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पार्षद ने उल्लेख किया है कि राज्य शासन द्वारा जलापूर्ति के लिए लगभग 34 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई, जिसमें से करीब 23 करोड़ रुपये का कार्य कराया जा चुका है तथा संबंधित ठेकेदार को लगभग 23 करोड़ रुपये के भुगतान की सूचना प्राप्त होने की बात कही गई है।

पार्षद का आरोप है कि पाइपलाइन विस्तार कार्य में लापरवाही बरती गई और वार्ड क्रमांक 1 से वार्ड क्रमांक 20 तक आवश्यकता के अनुसार पाइपलाइन में वाल्व नहीं लगाए गए। आवेदन में कहा गया है कि वर्तमान में किसी वार्ड में पाइपलाइन लीकेज होने पर पूरे शहर की जलापूर्ति प्रभावित अथवा बंद करनी पड़ती है, जिससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने पाइपलाइन विस्तार कार्य में जिम्मेदार नोडल अधिकारी एवं इंजीनियर की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित ठेकेदार की एक करोड़ रुपये की अमानत राशि राजसात करने संबंधी प्रस्ताव परिषद में पारित किए जाने तथा पूरे पाइपलाइन विस्तार कार्य की उच्च अधिकारियों से जांच कराने की मांग की गई है।

परिषद की बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग और मीडिया कवरेज की मांग

पार्षद ने आवेदन के तीसरे बिंदु में नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा की बैठकों की कार्यप्रणाली को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि परिषद की बैठक में लिए जाने वाले निर्णय एवं कार्यवाही की जानकारी कई बार शहर के नागरिकों तक सीधे नहीं पहुंच पाती।

उन्होंने मांग की है कि परिषद की बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए तथा मीडिया को बैठक की कार्यवाही के कवरेज की अनुमति दी जाए, जिससे आम नागरिकों को परिषद में होने वाली चर्चा और निर्णयों की जानकारी मिल सके।

पार्षद ने कहा है कि परिषद की बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों की जानकारी जनता तक पहुंचने से नगर पालिका के प्रति नागरिकों का विश्वास और सम्मान बना रहेगा। उन्होंने सामान्य सभा की बैठक से पहले आवेदन में उल्लेखित प्रमुख तीन विषयों पर चर्चा कर आवश्यक स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है।

कार्रवाई नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

पार्षद संजय जायसवाल ने आवेदन के अंत में स्पष्ट किया है कि यदि नगर पालिका अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा उनके द्वारा उठाए गए विषयों पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो उनके द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

आवेदन की प्रतिलिपि अनुविभागीय दंडाधिकारी बैकुण्ठपुर, जिला कोरिया तथा समस्त इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया को भी प्रेषित की गई है।

अब देखना होगा कि नगर पालिका परिषद की सामान्य सभा की बैठक में पार्षद द्वारा उठाए गए इन मुद्दों पर क्या चर्चा होती है और संबंधित मामलों की जांच अथवा कार्रवाई को लेकर परिषद क्या निर्णय लेती है। नगर पालिका से जुड़े वित्तीय एवं जलापूर्ति कार्यों पर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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