राष्ट्रीय न्यूपा अवार्ड से गौरवान्वित हुए कोरिया डीईओ जितेन्द्र गुप्ता ‘जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन’ टीम ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान सहित शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा


कोरिया बैकुंठपुर । जिला शिक्षा अधिकारी कोरिया  जितेन्द्र गुप्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित न्यूपा (NUEPA) अवार्ड से सम्मानित किए जाने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देने के लिए विशेष सौजन्य मुलाकात की गई। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, बाल संरक्षण, बाल विवाह मुक्त भारत अभियान तथा शाला त्यागी बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने सहित विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

सौजन्य मुलाकात के दौरान शिक्षा प्रकोष्ठ जिला संयोजक कोरिया एवं ‘जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन’ परियोजना हार्ड संस्था के कोरिया एवं एमसीबी जिला समन्वयक  गोकरण शुक्ला तथा बैडमिंटन संघ जिला कोरिया एवं एमसीबी के जिला सचिव नवीन मित्रा ने जिला शिक्षा अधिकारी  जितेन्द्र गुप्ता को गुलदस्ता भेंट कर राष्ट्रीय पुरस्कार की उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कुशल नेतृत्व और नवाचारी दृष्टिकोण की सराहना

इस दौरान उपस्थित सदस्यों ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी श्री जितेन्द्र गुप्ता के कुशल नेतृत्व, नवाचारी सोच, बेहतर टीम समन्वय एवं उत्कृष्ट कार्यकुशलता के परिणामस्वरूप कोरिया जिले ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। राष्ट्रीय स्तर पर न्यूपा अवार्ड मिलना न केवल श्री गुप्ता की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह जिले के शिक्षा विभाग, शिक्षकों एवं समस्त शैक्षणिक टीम के लिए भी गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नेतृत्व, नवाचार और सामूहिक प्रयास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोरिया जिले में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना जिले के लिए उत्साहवर्धक है। उपस्थित सदस्यों ने जिला शिक्षा अधिकारी को भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने तथा कोरिया जिले का नाम और अधिक गौरवान्वित करने की शुभकामनाएं दीं।

27 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय बाल विवाह निषेध दिवस घोषित होने पर जताया आभार

बधाई एवं शुभकामना संदेश के साथ ही बैठक में ‘जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन’ परियोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। जिला समन्वयक श्री गोकरण शुक्ला ने जिला शिक्षा अधिकारी को परियोजना की गतिविधियों और बाल संरक्षण से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) द्वारा 27 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय बाल विवाह निषेध दिवस घोषित किया गया है। उन्होंने इसे बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध वैश्विक स्तर पर जागरूकता और सामूहिक प्रयासों को मजबूती देने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

श्री शुक्ला ने कहा कि बाल विवाह के खिलाफ लंबे समय से विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक इकाइयों और विभागों द्वारा जागरूकता एवं रोकथाम के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में शिक्षा विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि विद्यालय बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों और समुदाय तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।

उन्होंने इस अभियान में सहयोग एवं समन्वय के लिए कोरिया जिले के समस्त शिक्षा विभाग, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को गति देने पर जोर

बैठक में जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के अभियान को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने को लेकर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से विद्यालय स्तर पर बच्चों की स्थिति पर सतत निगरानी, बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को जागरूक करने तथा समुदाय के सहयोग से बाल विवाह की रोकथाम के लिए संयुक्त प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

बैठक में यह बात सामने आई कि बच्चों को कम उम्र में विवाह के बंधन में जाने से रोकने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को भी समान रूप से मजबूत करना आवश्यक है।

शाला त्यागी बच्चों की पहचान और पुनः स्कूल से जोड़ने पर चर्चा

सौजन्य मुलाकात के दौरान शाला त्यागी एवं आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के विषय पर भी विशेष चर्चा हुई। ऐसे बच्चों की पहचान, उनके परिवारों से संपर्क तथा उनकी परिस्थितियों को समझकर उन्हें उपयुक्त शैक्षणिक व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया गया।

इसके साथ ही ऐसे बच्चों के लिए कौशल आधारित (स्किल-बेस्ड) शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई, ताकि शिक्षा से लंबे समय तक दूर रहे बच्चे अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुसार कौशल विकसित कर भविष्य में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ सकें।

शिक्षा विभाग ने हरसंभव सहयोग का दिया आश्वासन

चर्चा के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र गुप्ता ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान एवं पुनः नामांकन तथा कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने जैसे सामाजिक एवं शैक्षणिक अभियानों में शिक्षा विभाग की ओर से हरसंभव समन्वय एवं पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

उन्होंने शिक्षा और बाल संरक्षण से जुड़े अभियानों में विभाग, शिक्षकों, सामाजिक संस्थाओं एवं समुदाय के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया। बैठक का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बच्चों के अधिकार, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए सामूहिक प्रयासों को गति देना रहा।

राष्ट्रीय स्तर पर न्यूपा अवार्ड से सम्मानित होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र गुप्ता को मिली बधाई के साथ हुई यह सौजन्य मुलाकात शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, बाल विवाह उन्मूलन और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प को भी मजबूती देने वाली रही।

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