कोरिया बैकुंठपुर । बैकुंठपुर नगर की राजनीति में सक्रिय पार्षद एवं गांधी नागरिक एकता मंच के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने अपनी राजनीतिक एवं सामाजिक यात्रा, जनसमस्याओं को लेकर किए गए संघर्ष तथा नगर के विकास को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को सार्वजनिक किया है। जारी सामग्री में उन्होंने अपने अब तक के राजनीतिक सफर को “संघर्ष से सेवा तक” की सोच से जोड़ते हुए जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही है।
संजय जायसवाल के अनुसार, उनका सार्वजनिक जीवन केवल चुनाव और पद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समय-समय पर सामने आने वाली जनसमस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाने पर केंद्रित रहा है। वे वर्तमान में नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर के पार्षद हैं तथा सामग्री के अनुसार तीन बार पार्षद निर्वाचित हो चुके हैं।
दुर्गा पूजा समिति से शुरू हुआ सामाजिक सफर
जारी परिचय में बताया गया है कि वर्ष 2000 में दुर्गा पूजा उत्सव समिति से सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता शुरू हुई। इसके बाद वे लगातार सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहे। वर्ष 2010 में कांग्रेस पार्टी से पार्षद का टिकट मिलने और चुनाव जीतने तक पहुंचने में समिति के सदस्यों, युवाओं तथा सहयोगियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है। सामग्री में राजनीतिक सफर में वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन का भी जिक्र किया गया है।
नगर पालिका के फैसलों के खिलाफ आवाज उठाने का दावा
पार्षद संजय जायसवाल ने अपने राजनीतिक सफर के एक हिस्से को नगर पालिका के कथित गलत फैसलों के विरोध से जोड़ा है। जारी सामग्री के अनुसार, पार्षद बनने के बाद उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और नागरिकों से लगातार संपर्क बनाए रखा। इसी क्रम में उन्हें दोबारा पार्षद चुने जाने का उल्लेख किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा गया है कि उनकी गतिविधियां किसी एक राजनीतिक दल की सीमाओं तक सीमित नहीं रहीं और वे जनहित के मुद्दों को लेकर नागरिकों के साथ खड़े रहने का दावा करते हैं।
गांधी नागरिक एकता मंच के माध्यम से आंदोलन
वर्ष 2016-17 में बैकुंठपुर में भू-माफिया के खिलाफ जनआंदोलन के दौरान गांधी नागरिक एकता मंच के गठन का उल्लेख किया गया है। सामग्री के अनुसार, जनसमूह के माध्यम से पांच सदस्यों की टीम गठित की गई और संजय जायसवाल को मंच का अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद करीब 10 से 15 दिनों तक आंदोलन चलाए जाने की बात कही गई है।
जारी सामग्री में प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन, अवैध घोषित की गई कॉलोनियों, खरीदी-बिक्री एवं निर्माण पर प्रतिबंध तथा संबंधित बिल्डर के जेल जाने जैसे मामलों का भी उल्लेख है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामग्री में उपलब्ध नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामले में शिकायतों का उल्लेख
सामग्री में वर्ष 2024 के दौरान स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक मामले का भी जिक्र किया गया है। इसमें विभाग से जुड़े एक व्यक्ति के खिलाफ शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि मामले को लेकर मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, गृह सचिव और स्वास्थ्य मंत्री सहित संबंधित अधिकारियों को शिकायतें भेजी गईं। इसके बाद संबंधित अधिकारी का स्थानांतरण होने तथा दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।
जारी विवरण के अनुसार, मामले में लंबे समय तक दस्तावेजी प्रयास और शिकायतों के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के आदेश को संघर्ष की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इन दावों पर संबंधित विभाग अथवा अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया सामग्री में शामिल नहीं है।
जनसमस्याओं को लेकर नाली निर्माण से स्ट्रीट लाइट तक के मुद्दे
संजय जायसवाल ने बैकुंठपुर शहर के विकास को लेकर कई मुद्दों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। सामग्री में वार्डों में जल निकासी की समस्या को लेकर नगर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने तथा करीब एक किलोमीटर लंबी नाली निर्माण की दिशा में कार्य कराए जाने का दावा किया गया है।
इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर सीसी सड़क निर्माण, जरूरत के अनुसार स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े जनसमस्याओं को लेकर लगातार प्रयास, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने जैसे विषयों को भी प्राथमिकता बताया गया है।
बैकुंठपुर के लिए प्रस्तुत किया छह सूत्रीय विजन
संजय जायसवाल ने बैकुंठपुर को “स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और आधुनिक शहर” बनाने की दिशा में अपना विजन प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा बताई गई प्रमुख प्राथमिकताओं में शहर की बढ़ती यातायात एवं पार्किंग समस्या का समाधान, जल प्रबंधन, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति में सुधार, स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी, नालियों की लेवलिंग तथा सरकारी भूमि के बेहतर उपयोग जैसे मुद्दे शामिल हैं।
उनकी प्रमुख प्राथमिकताएं इस प्रकार बताई गई हैं—
1. मल्टीलेवल पार्किंग: शहर में बढ़ते यातायात और पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए आधुनिक पार्किंग व्यवस्था विकसित करना।
2. जल प्रबंधन: वाटर हार्वेस्टिंग तथा बरसाती पानी के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ रोज नदियों में जाने वाले प्रदूषित पानी को रोकने के लिए सोख्ता एवं अन्य जल प्रबंधन व्यवस्था।
3. सार्वजनिक शौचालय: पहले से निर्मित सार्वजनिक शौचालयों का ऑडिट कर उनकी वास्तविक स्थिति की समीक्षा तथा आधुनिक, स्वच्छ एवं उपयोगी शौचालयों की व्यवस्था।
4. स्वच्छता व्यवस्था: महानगरों की तर्ज पर सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाकर नियमित निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना।
5. नाली एवं जल निकासी: शहर की नालियों की लेवलिंग तथा जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना।
6. सरकारी भूमि का उपयोग: सरकारी भूमि को व्यवस्थित कर बाजार, पालिका बाजार और अन्य जनोपयोगी सुविधाओं के विकास की दिशा में उपयोग करना।
100 दिनों का रोडमैप और जनता से सीधा संवाद
श्री जायसवाल ने यह भी कहा गया है कि यदि उन्हें नगर पालिका अध्यक्ष बनने का अवसर मिलता है तो जनता के साथ बैठक कर शहर के लिए 100 दिनों का मजबूत रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसके बाद प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल की बैठक तथा नगर पालिका परिषद की बैठक आयोजित करने और प्रत्येक सप्ताह एक दिन जनदर्शन के माध्यम से नागरिकों की समस्याएं सीधे सुनने की बात कही गई है।
इसके साथ ही अध्यक्ष कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान करने की व्यवस्था बनाने का उल्लेख किया गया है।
“पद नहीं, जिम्मेदारी चाहिए”
संजय जायसवाल ने अपने संदेश में कहा है कि नगर पालिका जनता के प्रति जवाबदेह होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं के नाम संदेश देते हुए युवा सोच, शिक्षा, रोजगार और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
उनके राजनीतिक संदेश का केंद्रीय भाव “पद नहीं, जिम्मेदारी चाहिए; राजनीति नहीं, जनसेवा चाहिए; वादे नहीं, काम चाहिए” के रूप में सामने आया है। साथ ही बैकुंठपुर को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और आधुनिक शहर बनाने के लिए जनभागीदारी को आवश्यक बताया गया है।
विकास के लिए जनभागीदारी पर जोर
संजय जायसवाल ने कहा है कि केवल सरकारी योजनाओं से आधुनिक शहर का निर्माण संभव नहीं है, बल्कि जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उनके प्रस्तावित विजन में नागरिक सुविधाओं, जल निकासी, स्वच्छता, यातायात, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट, रोजगार और सरकारी भूमि के उपयोग जैसे स्थानीय निकाय से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई है।
इस प्रकार, संजय जायसवाल की ओर से जारी सामग्री में उनके राजनीतिक एवं सामाजिक सफर के साथ-साथ आगामी नगर विकास को लेकर एक विस्तृत एजेंडा प्रस्तुत किया गया है। इसमें पिछले संघर्षों और जनसमस्याओं से जुड़े उनके दावों के साथ बैकुंठपुर को आधुनिक बनाने के लिए छह प्रमुख प्राथमिकताओं और शुरुआती 100 दिनों के रोडमैप की रूपरेखा सामने रखी गई है।

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