राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता का देवरहा बाबा सेवा समिति ने किया सम्मान


कोरिया बैकुंठपुर । जिले को शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने एवं शैक्षिक प्रशासन में नवोन्मेष और नवाचार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करने वाले जिला शिक्षा अधिकारी  जितेंद्र गुप्ता का देवरहा बाबा सेवा समिति के सदस्यों द्वारा सम्मान किया गया। समिति के सदस्यों ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

जिला शिक्षा अधिकारी  जितेंद्र गुप्ता को कोरिया जिले में शैक्षिक प्रशासन के क्षेत्र में नवोन्मेष एवं नवाचार को बढ़ावा देने तथा शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय पहल के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर जिलेवासियों में हर्ष का माहौल है। उनकी उपलब्धि को कोरिया जिले के लिए गौरव का विषय बताते हुए देवरहा बाबा सेवा समिति ने उनका अभिनंदन किया।

इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। शैक्षणिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर किए गए नवाचारों का सीधा लाभ विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालयों को मिलता है। श्री जितेंद्र गुप्ता द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों और नवाचारों ने कोरिया जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

समिति के सदस्यों ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान केवल जिला शिक्षा अधिकारी श्री गुप्ता का व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि कोरिया जिले के शिक्षकों, विद्यार्थियों और समूचे शिक्षा जगत के लिए गौरव की उपलब्धि है। उनके प्रयासों से जिले की शैक्षिक व्यवस्था में नई सोच और बेहतर कार्यप्रणाली को प्रोत्साहन मिला है।

सम्मान समारोह के दौरान देवरहा बाबा सेवा समिति के शैलेश शिवहरे, अनिल शर्मा, भानु पाल, सुभाष साहू, अनिल खटीक, घनश्याम साहू, मनोज सोनी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने  जितेंद्र गुप्ता को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

समिति सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री गुप्ता इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार एवं सकारात्मक पहल को आगे बढ़ाते हुए जिले के विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने में अपना योगदान देते रहेंगे। राष्ट्रीय पुरस्कार से मिली यह उपलब्धि अन्य शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए भी प्रेरणादायी है।

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