नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कालरी....... नगर पालिका शिवपुर चरचा क्षेत्र के प्रतिभावान छात्र पार्थ सारथी प्रधान का चयन प्रतिष्ठित एन .आई .टी. राउरकेला में माइनिंग बीटेक पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे चरचा क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। क्षेत्रवासियों, शुभचिंतकों एवं परिचितों ने पार्थ को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। पार्थ की सफलता निश्चित रूप से क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल करने का सपना देखते हैं।
पार्थ सारथी प्रधान के पिता नारायण प्रधान चरचा कलरी में कर्मचारी हैं। व वार्ड नंबर 11 स्थित विभागीय कालरी आवास में रहते हैं पार्थ ने कक्षा तीसरी से दसवीं तक की शिक्षा सेंट जोसेफ स्कूल, बैकुंठपुर से प्राप्त की। कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में उन्होंने शानदार 93.8 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके पश्चात कक्षा 11वीं एवं 12वीं की पढ़ाई उन्होंने MBS स्कूल, ओडिशा से पूरी की।
पार्थ की सफलता की खास बात यह है कि पढ़ाई के दौरान उनका स्वास्थ्य अक्सर खराब रहता था। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई और लक्ष्य के प्रति कभी समझौता नहीं किया। विषम परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने निरंतर मेहनत जारी रखी। इस दौरान चरचा क्षेत्र के प्रतिष्ठित द्विवेदी क्लासेस के संचालक विजय द्विवेदी एवं आकाश द्विवेदी का उन्हें लगातार मार्गदर्शन मिलता रहा। शिक्षकों के मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत के बल पर पार्थ ने अपनी पढ़ाई पर एकाग्रचित्त होकर तैयारी जारी रखी।
वर्ष 2026 की जी मेंस परीक्षा में पार्थ ने 97.74 परसेंटाइल अंक प्राप्त कर क्षेत्र का मान बढ़ाया। इसके बाद उनकी मेहनत को एक और बड़ी सफलता मिली और उनका चयन एन आई टी राउरकेला जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में माइनिंग बीटेक के लिए हुआ।
पार्थ अपनी तैयारी के दौरान द्विवेदी क्लासेस से लगातार मार्गदर्शन प्राप्त करते रहे। शिक्षकों के मार्गदर्शन, परिवार के सहयोग और स्वयं की लगन ने उन्हें सफलता की ओर आगे बढ़ाया। पार्थ की उपलब्धि यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो सफलता निश्चित रूप से हासिल की जा सकती है।पार्थ के छोटे भाई भी वर्तमान में राजधानी रायपुर के प्रयास विद्यालय में कक्षा 12वीं में अध्ययनरत हैं और वे भी मेधावी छात्र बताए जाते हैं। परिवार में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण दोनों भाइयों के भविष्य को नई दिशा दे रहा है।
पार्थ सारथी प्रधान की सफलता चरचा क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरक उदाहरण है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और अनेक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता दी और लगातार मेहनत करते हुए मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा को सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और कठिन परिश्रम मिल जाए तो छोटे शहर और सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर भी विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में स्थान बना सकते हैं।
पार्थ की इस उपलब्धि पर परिजनों, शिक्षकों, मित्रों एवं क्षेत्रवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं और विश्वास जताया है कि वे भविष्य में भी अपने परिवार, शिक्षकों तथा चरचा क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।

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