शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सारा में विश्व आदिवासी दिवस एवं हरेली तिहार का भव्य आयोजन


कोरिया बैकुण्ठपुर। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सारा में विश्व आदिवासी दिवस एवं हरेली तिहार के अवसर पर 11 अगस्त 2026 को विविध सां कोरिया बैकुण्ठपुर। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सारा में विश्व आदिवासी दिवस एवं हरेली तिहार के अवसर पर 11 अगस्त 2026 को विविध सांस्कृतिक, पारंपरिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आदिवासी संस्कृति, लोकपरंपराओं, कृषि संस्कृति एवं प्रकृति संरक्षण से जोड़ना तथा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव की भावना विकसित करना रहा। स्कृतिक, पारंपरिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आदिवासी संस्कृति, लोकपरंपराओं, कृषि संस्कृति एवं प्रकृति संरक्षण से जोड़ना तथा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव की भावना विकसित करना रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संकुल प्राचार्य श्रीमती रेखा यादव एवं विशिष्ट अतिथि CAC सारा अ सुखलाल राजवाड़े द्वारा भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान पाठक श्रीमती सुनीता तिर्की ने की।

आयोजन के दौरान विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई आदिवासी संस्कृति, स्थानीय परंपराओं, कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सामूहिक आदिवासी नृत्य, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता एवं गेड़ी दौड़ में भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति से सजी प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों एवं ग्रामीणों का मन मोह लिया।

हरेली तिहार की परंपरा को जीवंत करते हुए छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों से न्योता भोज का भी आयोजन किया गया। भोज में बड़ा, गुलगुला, रसोड़ा, सोहारी, डुबकी एवं भात जैसे पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खान-पान संस्कृति का आनंद लिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में उपसरपंच एवं SMC अध्यक्ष श्री मान सिंह, बालक आश्रम अधीक्षक गौरीशंकर साहू, संदीप शुक्ला सहित विद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम की सूत्रधार शिक्षिका श्रीमती नीतू कुशवाहा रहीं तथा  इंदरमन ने कार्यक्रम का संचालन किया। आयोजन में मरकुस बेलसाजर, श्रीमती पूजा कश्यप, आलोक सिंह कश्यप,  किशन सोनी,  योगेश रजवाड़े, सुश्री चंचल सिंह एवं  तेजप्रताप का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

सभी के सहयोग, समर्पण एवं टीमवर्क से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति सम्मान, सामूहिक सहभागिता, रचनात्मकता तथा पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत किया।

“हमारी संस्कृति – हमारी पहचान,

जल, जंगल, जमीन – हमारी शान।”

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ