यूनिसेफ एवं MCCR ट्रस्ट के सहयोग से रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चों हेतु गैर-संचारी रोग स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित, 100 बच्चों की हुई स्वास्थ्य जांच, 8 बच्चों में सिकल सेल रोग की आशंका; समय पर जांच एवं उपचार के लिए किया गया रेफरल

बलरामपुर। जिला स्वास्थ्य विभाग, बलरामपुर द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं MCCR ट्रस्ट के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), रामानुजगंज में बच्चों के लिए विशेष गैर-संचारी रोग (NCD) स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य बच्चों में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान, आवश्यक जांच, परामर्श एवं उपचार सुनिश्चित कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना था।

शिविर में 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कुल 100 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान 8 बच्चों में सिकल सेल रोग की आशंका पाई गई, जिन्हें आगे की पुष्टि हेतु आवश्यक जांच एवं उपचार के लिए रेफर किया गया। समय पर पहचान एवं उचित उपचार से बच्चों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया गया।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा बच्चों एवं उनके अभिभावकों को सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह तथा अन्य गैर-संचारी रोगों के लक्षण, समय पर जांच, नियमित फॉलो-अप एवं उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही अभिभावकों को यह संदेश दिया गया कि बच्चों में बार-बार कमजोरी, अत्यधिक थकान, लगातार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें।

शिविर के दौरान बच्चों की समग्र स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया तथा जरूरतमंद बच्चों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान एवं उपचार से गंभीर जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

इस स्वास्थ्य जांच शिविर के सफल आयोजन में ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीमों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों की स्क्रीनिंग, परामर्श एवं रेफरल प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया।

कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर के सफल संचालन में जिला स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ छत्तीसगढ़, MCCR ट्रस्ट, ब्लॉक स्वास्थ्य टीम, बीपीएम, आरबीएसके टीम तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

जिला स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में समय पर जांच एवं उपचार अवश्य कराएं, ताकि बच्चों को स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सके।

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