बलरामपुर। जिला स्वास्थ्य विभाग, बलरामपुर द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं MCCR ट्रस्ट के सहयोग से बलरामपुर जिले के 6 विकासखंड के मितानिन प्रशिक्षकों की बाल मधुमेह विषय पर सफल प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ जिसमे 140 लोगो को प्रशिक्षित किया गया।प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों में होने वाले मधुमेह की विस्तृत जानकारी दी गयी ,जिसमे बाल मधुमेह के मुख्य लक्षण जैसे बच्चे को ज्यादा प्यास लगना , ज्यादा भूख लगना , बार बार पेशाब जाना या बिस्तर गिला करना , पतला दुबला शरीर होना और जल्दी थकान होना के बारे में बताया गया| ऐसे लक्षण वाले बच्चो को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में लेजाकर ब्लड शुगर जाँच कराने की सलाह दी गयी | टी1डी के जोखिम अवस्था जैसे डीकेए स्थिति में तुरंत अस्पताल में भर्ती करने की भी जानकारी दी गयी | बच्चो को बार बार संक्रमण होने पर भी शुगर जाँच कराने की जानकारी दी गयी |
समाज में फैले कई प्रकार की भ्रांतियों जैसे बच्चो को डायबिटिस नहीं हो सकती , झाड़ फूंक से ठीक कर सकते है आदि जानलेवा बातों से बचने के लिए बताया गया | इस बात को जोर देकर प्रशिक्षण में बताया गया कि यह एक अनुवांशिक बीमारी है जो गैर संचारी रोगो में आता है और यह एक ऑटो इम्यून कंडीशन है जिसमे शरीर इन्सुलिन बनता ही नहीं बच्चे को जीवनपर्यन्त इन्सुलिन इंजेक्शन पर निर्भर रहना पड़ता है।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु जिला स्वास्थ्य विभाग से डॉ. विजय सिंह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ अनुज टोप्पो जिला टीकाकरण अधिकारी, सुश्री स्मृति एक्का जिला कार्यक्रम प्रबंधक, श्री दिब्य किशोर गुप्ता जिला मीडिया प्रभारी, श्री नेतराम बलरामपुर विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, श्री सौरभ प्रभारी आरएमएनसीएच सलाहकार योगदान रहा.
यूनिसेफ से डॉ गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में तथा डॉ. डी. श्याम कुमार संचालक एमसीसीआर ट्रस्ट का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

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