कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥


हनुमान चालीसा की यह चौपाई श्री हनुमान जी के दिव्य और तेजस्वी स्वरूप का वर्णन करती है।

उनका शरीर स्वर्ण के समान तेजस्वी है, कानों में सुंदर कुंडल और घुँघराले केश उनकी शोभा को और भी बढ़ाते हैं।

बजरंगबली शक्ति, साहस और भक्ति के प्रतीक हैं, जो अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें सही मार्ग दिखाते है।

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