झुमका नाला पुल निर्माण में सरिया और बार स्पेसिंग को लेकर चर्चा, विभाग ने कहा – कार्य तकनीकी मानकों के अनुसार


कोरिया बैकुंठपुर –बिलासपुर मार्ग पर सलका के पास झुमका नाला पर निर्माणाधीन उच्चस्तरीय पुल के कार्य को लेकर इन दिनों तकनीकी मानकों पर चर्चा शुरू हो गई है। लगभग 2.33 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ के सेतु निर्माण संभाग अम्बिकापुर के अंतर्गत कराया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार पुल की कुल लंबाई 63 मीटर है, जिसमें 21-21 मीटर के तीन स्पान प्रस्तावित हैं तथा दोनों ओर करीब 198 मीटर लंबा पहुँच मार्ग भी बनाया जा रहा है। पुल की नींव ओपन फाउंडेशन पर आधारित है, जबकि सब-स्ट्रक्चर में सॉलिड सर्कुलर पियर और बॉक्स टाइप अबटमेंट तथा सुपर स्ट्रक्चर में टी-बीम स्लैब तकनीक का उपयोग किया जाना है।

निर्माण स्थल पर कुछ लोगों ने सरिया के आकार और बार स्पेसिंग (सरिया के बीच की दूरी) को लेकर सवाल उठाए हैं। मौके पर निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर 10 मिमी व्यास की सरिया का उपयोग और बार स्पेसिंग अपेक्षाकृत अधिक दिखाई देने की चर्चा सामने आई है। तकनीकी जानकारों के अनुसार पुल निर्माण में सरिया का व्यास, बार स्पेसिंग, कंक्रीट ग्रेड और कवर ब्लॉक जैसे मानकों का पालन संरचना की मजबूती के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

इधर मामले में सेतु निर्माण संभाग के कार्यपालन अभियंता एन. के. डडसेना का कहना है कि पुल का निर्माण पूरी तरह स्वीकृत डिजाइन के अनुसार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुल का डिजाइन रायपुर स्तर से स्वीकृत होकर आता है और उसी के आधार पर कार्य किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं बार स्पेसिंग अपेक्षाकृत अधिक प्रतीत होती है तो उसकी भी जांच कराई जाएगी।

कार्यपालन अभियंता के अनुसार पुल निर्माण में एमएसपी कंपनी का सरिया विभाग द्वारा स्वीकृत है तथा उनके द्वारा स्थल का निरीक्षण किया जा चुका है और निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप पाया गया है।

हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वपूर्ण पुल की गुणवत्ता को लेकर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्माण से संबंधित डिजाइन ड्राइंग, बार बेंडिंग शेड्यूल और गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।

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