गोल्ड कप टूर्नामेंट में पश्चिम बंगाल व महाराष्ट्र ने जीता मैच......... महाजन स्टेडियम में फुटबॉल का जुनून ,रोमांच चरम पर ......हजारों दर्शकों की रहती उपस्थित..... राष्ट्रीय खिलाड़ियों के अतिरिक्त विदेशी खिलाड़ी भी कर रहे हैं प्रदर्शन....... गोल्ड कप के हर मुकाबले में उमड़ रही दर्शकों की ऐतिहासिक भीड़......



नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट 

कोरिया चरचा कॉलरी...... महाजन स्टेडियम में आयोजित अखिल भारतीय सेशन स्मृति गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता के 50वें स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रतिदिन रोमांच नए शिखर को छू रहा है। जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे खेल प्रेमी दर्शकों की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में महिला-पुरुष दर्शक फुटबॉल के इस महाकुंभ के साक्षी बनने स्टेडियम पहुंच रहे हैं प्रतियोगिता के चौथे दिन दो बेहद रोमांचक मुकाबले खेले गए, जिन्होंने दर्शकों को अंत तक स्टेडियम में रोके रखा सीटों से बांधे रखा।पहले मुकाबले से पूर्व परंपरा के अनुसार मुख्य अतिथि  आलोक चक्रधारी इंजीनियर, नगर पालिका शिवपुर चरचा, विशिष्ट अतिथि प्रमोद पांडे थाना प्रभारी, चरचा, नीरज गुप्ता, पार्षद श्रीमती रमकली पाल को ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच सम्मानपूर्वक मैदान में लाया गया जहां अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। इसके पश्चात स्टेडियम में उपस्थित सभी खिलाड़ियों एवं दर्शकों ने खड़े होकर राष्ट्रगान का सामूहिक गायन* किया, जिससे माहौल देशभक्ति से सराबोर हो गया।

शुक्रवार को चौथे दिन का पहला मैच एम.ई.जी. बेंगलुरु और सेरसा खड़गपुर, पश्चिम बंगाल के बीच खेला गया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें गोल करने में असफल रहीं। अंततः निर्णायक रेफरी विजय आनंद द्वारा टाई-ब्रेकर कराया गया, जिसमें खड़गपुर की टीम ने 3–1 से जीत दर्ज की।

इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के लिए खड़गपुर टीम के गोलकीपर दीप मंडलको मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया।इस दौरान वरिष्ठ श्रमिक नेता हरि यादव, धर्मेंद्र सिंह, जितेंद्र श्रीवास्तव, हेमसागर यादव, प्रकाश शर्मा, पवन अग्रवाल, प्रभात दास, अनिल सिंह सहित हजारों खेल प्रेमी दर्शक उपस्थित रहे।

दूसरा मुकाबला रहा अब तक का सर्वाधिक रोमांचक मैच.....

प्रतियोगिता के चौथे दिन गुरुवार को खेले गए दूसरा मैच सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला मां  कामाख्या फुटबॉल क्लब, बक्सर (बिहार) एवं  एसईसी रेलवे, नागपुर के बीच खेला गया। यह दोनों टीमें पिछले वर्ष के फाइनल में आमने-सामने थीं, जिसमें नागपुर विजेता रही थी और बक्सर की टीम उपविजेता रही। इसी कारण दर्शकों में दोनों टीमों को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।रेफरी आशीष तिवारी (बिलासपुर) द्वारा लगभग 4बजेमैच प्रारंभ कराया गया।इस मैच के पांचवें मिनट में ही नागपुर के खिलाड़ी जर्सी नंबर 10 पी.के. मिसाल ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद जर्सी नंबर 8 तेज बहादुर ने बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन करते हुए पहले हाफ टाइम की अंतिम क्षणों में दूसरा गोल दागा। हाफ टाइम तक नागपुर 2–0 से आगे रही।हाफ टाइम के बाद बक्सर की टीम ने आक्रामक खेल दिखाया और मैच समाप्ति से चार मिनट पहले जर्सी नंबर 21 पी.ए. कोप ने गोल कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। जो दर्शक मैदान छोड़कर जा रहे थे, वे भी वापस लौट आए।हालांकि, अंतिम समय तक कोई और गोल नहीं हो सका और नागपुर रेलवे की टीम ने 2–1 से जीत दर्ज की*इस मैच के मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार नागपुर की टीम के खिलाड़ी जर्सी नंबर 10 पी.के. मिसाल को दिया गयामैच के अंतिम समय में अनुशासनहीनता पर दोनों टीमों के एक-एक खिलाड़ी को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर किया गया।

राष्ट्रीय व विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी से बढ़ी प्रतियोगिता की गरिमा.......स्वर्ण जयंती वर्ष में यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ-साथ विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी से और भी गौरवशाली बन गई है। बक्सर टीम में कई विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं, वहीं नागपुर रेलवे टीम के कोच अब्दुल खालिक स्वयं राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं। टीम के गोलकीपर कोइस खान भी रेलवे की राष्ट्रीय टीम के गोलकीपर हैं।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।उपाध्यक्ष संदीप कुमार, सचिव मोहम्मद रियाज, सह-सचिव तपेश्वर प्रसाद, प्रवीण डेहरिया, कोषाध्यक्ष महेश कुमार, वरिष्ठ खिलाड़ी प्रदीप डे, मोहम्मद ताहिर, मुनाफ अली, अब्दुल्ला, रोशन सहित सभी सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं

शनिवार को होंगे दो  मुकाबले......

शनिवार को प्रतियोगिता में दो  मैच खेले जाएंगे।पहला मुकाबला अहीर स्पोर्टिंग क्लब, नीमच एवं  संबलपुर (ओडिशा) के बीच होगा, जबकि दूसरे मैच में नागपुर व खड़कपुर की टीम आमने-सामने होंगी।

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