नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कॉलरी......... चरचा क्षेत्र के ऐतिहासिक अखिल भारतीय सेशन स्मृति गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता के 50 वें गोल्डन जुबली वर्ष के भव्य समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरिश दुहान, ने महाजन स्टेडियम में उमड़ी लगभग 30 हजार फुटबॉल प्रेमी दर्शकों की भीड़ को देखकर आश्चर्य और गर्व दोनों व्यक्त किया। अखिल भारतीय सेशन स्मृति गोल्ड का फुटबॉल प्रतियोगिता के गौरवशाली 50 वे वर्ष की प्रतियोगिता में देश की चर्चित ख्याति प्राप्त टीमों के साथ-साथ कई विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी से सजी इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता ने यह सिद्ध कर दिया कि चरचा का फुटबॉल प्रेम किसी भी महानगर से कम नहीं है।
महिलाओं के लिए अलग फुटबॉल टूर्नामेंट की घोषणा...... महाजन स्टेडियम में फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान लगभग 5000 की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी महिलाओं के लिए अलग से गैलरी की व्यवस्था की गई थी ऐसी महिला फुटबॉल दर्शकों की भीड़ देश में अन्यत्र कहीं देखने को नहीं मिलती यह देखकरअपने उद्बोधन में सी. एम. डी हरिश दुहान ने कहा कि महाजन स्टेडियम परिसर में हजारों की संख्या में उपस्थित हमारी सम्माननीय माताएँ, बहनें और बेटियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि चरचा में खेल केवल खेल नहीं, बल्कि उत्सव है।ऐसा खेल प्रेम अन्य कहीं देखने को नहीं मिलता। छोटे से शहर में इतनी ज्यादा लोकप्रियता अद्भुत है मैं यहाँ की महिलाओं और बेटियों की खेल भावना का सम्मान करता हूँ और चाहता हूँ कि चरचा में महिलाओं के लिए अलग से फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित किया जाए। इसके लिए एसईसीएल विशेष सहयोग प्रदान करेगा।यह घोषणा चरचा के खेल इतिहास में एक नई इबारत मानी जा रही है।
5 लाख रुपए होगा प्रथम पुरस्कार, राशि में ऐतिहासिक वृद्धि.......सेशन मेमोरियल गोल्ड कप का 50 वर्षों का गौरवशाली इतिहास रहा है और आगामी वर्ष यह प्रतियोगिता 51वें वर्ष में प्रवेश करेगी। सीएमडी ने 51 अंक को शुभ मानते हुए बड़ी घोषणा करते हुए कहा किअब तक जो प्रथम पुरस्कार राशि डेढ़ लाख रुपये थी, उसे बढ़ाकर एसईसीएल की ओर से ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) किया जाता है।”यह घोषणा सुनते ही पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
--महाजन स्टेडियम बनेगा नेशनल लेवल का...... सी एम डी हरिश दुहान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महाजन स्टेडियम में फुटबॉल अकादमी की स्थापना की जाएगी।स्टेडियम को राष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।मैदान की घास को उच्च गुणवत्ता का बनाया जाएगा।
जी.एम. बैकुंठपुर खिलाड़ियों,खेल प्रेमियों, आयोजकों से मिलकर विस्तृत प्रस्ताव 15 दिनों की अवधि में भेजेंगे एसईसीएल उस प्रस्ताव पर शीघ्र कार्रवाई कर अगले वर्ष तक स्टेडियम को हरा-भरा और नेशनल लेवल” का स्वरूप देगा।उन्होंने कहा—मैं चाहता हूँ कि चरचा की चर्चा पूरे देश में होती रहे। देश-विदेश के खिलाड़ी इस मैदान में खेलने को लालायित रहें।अपने प्रेरक संबोधन में सी एम डी ने कहा—
आप बड़ा सोचिए। जब सोच बड़ी होगी तो परिणाम भी बड़े होंगे। SECL आपके साथ खड़ा है। आप योजना बनाइए, हम पूरा सहयोग देंगे।”
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विगत 62 वर्षों से चरचा कॉलरी देश की ऊर्जा आपूर्ति में निरंतर योगदान दे रही है। यहाँ का कोयला और खदान दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आने वाले वर्षों में उत्पादन लक्ष्य को 8 से 10 मिलियन टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।चाहे कोयले का उत्पादन हो या फुटबॉल का खेल — चरचा की चर्चा होनी चाहिए।”
चरचा का फुटबॉल प्रेम — एक पहचान.......महाजन स्टेडियम में उमड़ी 30 हजार की ऐतिहासिक भीड़, महिलाओं और युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी, देश-विदेश के खिलाड़ियों की उपस्थिति और गोल्डन जुबली वर्ष की गरिमा ने यह प्रमाणित कर दिया कि चरचा केवल कोयला नगरी नहीं, बल्कि खेल नगरी भी है।SECL की इन घोषणाओं के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आने वाले वर्षों में चरचा का फुटबॉल राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाएगा — और सच मायनों में “चरचा की चर्चा” पूरे देश में होगी।


0 टिप्पणियाँ