रायपुर। राजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में मरीजों को समय पर इलाज और बेड उपलब्ध न हो पाने की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इसी विषय को लेकर सतीश गुप्ता ने राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह से मुलाकात कर विस्तार से चर्चा की। बातचीत के दौरान रायपुर एम्स में कई-कई दिनों तक मरीजों को बेड नहीं मिलने की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया।
राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एम्स आज एक “ब्रांड” बन चुका है। यही कारण है कि राज्य ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए एम्स की ओर रुख करते हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य बीमारी के मामलों में भी लगभग 50 से 60 प्रतिशत मरीज सीधे एम्स पहुंच जाते हैं, जिससे संस्थान पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा एम्स की क्षमता सीमित है और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जगह की कमी और संसाधनों पर बढ़ते बोझ के कारण बेड की उपलब्धता एक बड़ी समस्या बन चुकी है। देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि समय और परिस्थितियों की मांग को देखते हुए नए रायपुर में एम्स को नए सिरे से विकसित किए जाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
सांसद सिंह ने यह भी बताया कि वे एम्स के वैधानिक सदस्य हैं और इस समस्या को उच्च स्तर पर उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सतीश गुप्ता ने बातचीत के दौरान कहा कि एम्स में बेड न मिलने से गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनप्रतिनिधियों के प्रयास से जल्द ही इस दिशा में ठोस निर्णय लिया जाएगा और रायपुर एम्स की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार देखने को मिलेगा।

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