नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कालरी ........कोरिया जिला आयुर्वेद और जड़ी-बूटी चिकित्सा की जिस समृद्ध परंपरा के लिए जाना जाता है उसके प्रमुख संवाहक, वैद्य रामप्रसाद राजवाड़े बीते कई दशकों से निस्वार्थ भाव से जन सेवा में संलग्न है उन्होंने अपने अनुभव साधना और दुर्लभ जेड बेटियों के ज्ञान से हजारों रोगियों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया है विशेष रूप से हड्डी एवं अस्थि रोगों के उपचार में उनकी दक्षता उल्लेखनीय मानी जाती है।
आज उनके पास इलाज कराने के लिए केवल कोरिया जिले ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार सहित अन्य राज्यों से भी मरीज पहुंचते हैं, जो आयुर्वेदिक उपचार से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।उनकी इसी विशिष्ट सेवाओं के चलते उन्हें देशभर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद सम्मेलनों में विशेष रूप से आमंत्रित किया जाता रहा है, जो उनके ज्ञान और अनुभव की प्रमाणिकता को दर्शाता है।
इसी क्रम में कुछ माह पूर्व ही में बागेश्वर धाम के प्रमुख संचालक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बड़े भाई एवं व्यवस्थापक पंडित सोमेश महाराज का कोरिया जिले में आगमन हुआ। कोरिया प्रवास के दौरान वे वैद्य रामप्रसाद राजवाड़े के निवास पर पहुंचे, जहां आयुर्वेद, जड़ी-बूटी चिकित्सा और जनस्वास्थ्य विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।इस अवसर पर पंडित सोमेश महाराज ने वैद्य राजवाड़े जी को बागेश्वर धाम छतरपुर (मध्यप्रदेश) आमंत्रित किया जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।
बागेश्वर धाम पहुंचकर वैद्य रामप्रसाद राजवाड़े ने आदरणीय पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से आत्मीय भेंट की तथा उन्हें अपने आयुर्वेदिक ज्ञान, दुर्लभ जड़ी-बूटियों के संग्रह एवं विभिन्न रोगों—विशेषकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के आयुर्वेदिक उपचार अनुभव से अवगत कराया।गौरतलब है कि बागेश्वर धाम में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में कैंसर चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान की आधारशिला रखी गई है, जहां गरीबों को निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति एवं जड़ी-बूटी आधारित कैंसर उपचार को लेकर वैद्य राजवाड़े और बागेश्वर धाम के आचार्यों के मध्य आत्मीय संवाद हुआ। साथ ही कैंसर उपचार में उपयोगी जड़ी-बूटियों का रोपण बागेश्वर धाम गौशाला परिसर में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बड़े भाई लोमेश महाराज के साथ किया गया, जो आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।वैद्य रामप्रसाद राजवाड़े की यह यात्रा न केवल कोरिया जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह सिद्ध करती है कि ग्रामीण अंचल में रहकर भी सेवा, साधना और समर्पण से राष्ट्रीय पहचान बनाई जा सकती है



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