स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, महलपारा बैकुंठपुर में शिक्षक–पालक मेगा बैठक का ऐतिहासिक आयोजन


कोरिया बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशन में तथा विद्यालय के यशस्वी प्राचार्य  राजीव जायसवाल के कुशल मार्गदर्शन में 19 जनवरी 2026 (सोमवार) को स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय, महलपारा बैकुंठपुर में शिक्षक–पालक मेगा बैठक का भव्य, अनुकरणीय एवं अत्यंत सफल आयोजन संपन्न हुआ।

इस मेगा बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को सुदृढ़ करना, उनके शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास हेतु विद्यालय एवं अभिभावकों के मध्य मजबूत समन्वय, सहभागिता एवं संवाद स्थापित करना रहा, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।

लगभग 90 प्रतिशत अभिभावकों की सहभागिता — विद्यालय के लिए गौरव का क्षण,

इस बैठक में अभिभावकों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि विद्यालय एवं पालक मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु सजग, जागरूक एवं प्रतिबद्ध हैं। यह सहभागिता विद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गर्व एवं प्रेरणा का विषय रही।

हिंदी माध्यम: प्रगति की सशक्त प्रस्तुति,

हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उपलब्धियों एवं चुनौतियों पर

 शशिभूषण पाण्डेय, टिकेश्वर साहू,  शिवप्रताप सिंह,  सुरेंद्र राजवाड़े एवं  विरेंद्र जायसवाल द्वारा अभिभावकों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। अभिभावकों से प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों का विश्लेषण कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु सामूहिक प्रयास एवं सहयोग का संकल्प लिया गया।

अंग्रेजी माध्यम : संवाद, मार्गदर्शन एवं प्रतिबद्धता

अंग्रेजी माध्यम की शिक्षिकाएँ प्रीति खाखा, रिंकी श्रीवास्तव, जी. नेहा, शालू अग्रवाल एवं मंजू कुमार ने अभिभावकों से सार्थक संवाद स्थापित कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति साझा की तथा उन्हें आगे बढ़ाने हेतु आवश्यक शैक्षणिक, नैतिक एवं व्यवहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्राचार्य का प्रेरणादायी संबोधन,

प्राचार्य  राजीव जायसवाल ने अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बच्चों को मोबाइल एवं डिजिटल व्यसनों से दूर रखने, नियमित अध्ययन, अनुशासन तथा सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने पर विशेष बल दिया।

सकारात्मक सहभागिता से सशक्त भविष्य की ओर सार्थक कदम,

यह शिक्षक–पालक मेगा बैठक विद्यालय और अभिभावकों के बीच विश्वास, सहयोग और साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने वाली सिद्ध हुई, जो निश्चित रूप से विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सशक्त और संस्कारित भविष्य की मजबूत नींव रखेगी।

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