हटाए गए नगर पंचायत पटना के सीएमओ


कोरिया बैकुंठपुर।  नगर पंचायत पटना के मुख्य नगर पालिका अधिकारी सिकंदर सिदार के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। जारी आदेश के अनुसार, नगर पंचायत पटना में उनके पदस्थापना के दौरान विभिन्न निर्माण कार्यों के भुगतान में गंभीर अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है। विभागीय स्तर पर गहन परीक्षण के बाद यह पाया गया कि निर्माण मदों में भुगतान प्रक्रिया निर्धारित मानकों के विपरीत की गई, जिससे शासन को आर्थिक हानि की आशंका गहराई है।

आदेश में उल्लेख किया गया है कि श्री सिदार का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के स्पष्ट रूप से विपरीत है, जिसमें अधिकारियों को ईमानदारी, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का प्रावधान है। इस नियम के उल्लंघन को गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा जाता है।

इसी आधार पर राज्य शासन ने तत्काल प्रभाव से सिकंदर सिदार को निलंबित करने का निर्णय लिया है। उनका निलंबन छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका सेवा (कार्यालयीन/शैक्षणिक/स्वास्थ्य) सेवा, भर्ती एवं सेवा शर्त नियम 2017 के नियम 33 के अंतर्गत किया गया है, जो सेवा संबंधी गंभीर अनियमितताओं की स्थिति में तत्काल निलंबन का प्रावधान करता है।

निलंबन अवधि में श्री सिदार का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय अंबिकापुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा, जैसा कि सेवा नियमों में प्रावधानित है।

यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से उप सचिव अजय तिर्की द्वारा 26 नवंबर 2025 को डिजिटल हस्ताक्षर सहित जारी किया गया। शासन की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी इस निर्णय ने शासन की दृढ़ता और अनुशासनहीनता के प्रति शून्य सहनशीलता के संदेश को स्पष्ट किया है।

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