धमतरी में सिकल सेल रोग पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण, रोग की समय पर पहचान, स्क्रीनिंग, जांच और प्रभावी प्रबंधन पर विशेष जोर


धमतरी। राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सिकल सेल रोग की समय पर पहचान, स्क्रीनिंग, जांच एवं प्रभावी प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8 अक्टूबर 2026 को जिला धमतरी में जिला स्तरीय सिकल सेल रोग कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सा अधिकारियों एवं विभिन्न स्तरों पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों ने सहभागिता की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को सिकल सेल रोग से संबंधित आवश्यक तकनीकी जानकारी प्रदान करना तथा जिले में इस रोग की पहचान, जांच, उपचार एवं जागरूकता से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।

यूनिसेफ की टीम ने दिया तकनीकी मार्गदर्शन,

कार्यशाला में यूनिसेफ (UNICEF), छत्तीसगढ़ के हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. गजेंद्र सिंह एवं उनकी टीम द्वारा सिकल सेल रोग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर डॉ. प्रीतम एवं डॉ. स्वाति भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्यकर्मियों को रोग की पहचान, आवश्यक जांच प्रक्रियाओं, मरीजों के समुचित प्रबंधन तथा समुदाय में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सिकल सेल रोग की समय पर पहचान और आवश्यक जांच के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों तक उचित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए स्वास्थ्यकर्मियों को निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी होना और समुदाय के बीच जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करना आवश्यक है।

विभिन्न विकासखंडों के स्वास्थ्यकर्मियों ने लिया प्रशिक्षण,

जिला स्तर पर आयोजित इस कार्यशाला में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) डॉ. प्रिया कंवर, आरएमएनसीएचए कंसल्टेंट डॉ. हेमेश्वर जोशी तथा एनसीडी कंसल्टेंट डॉ. श्रीकांत सहित विभिन्न विकासखंडों के चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।

कार्यशाला में विभिन्न विकासखंडों से आए चिकित्सा अधिकारियों, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM), ग्रामीण चिकित्सा सहायकों (RMA), कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO), सहायक नर्स मिडवाइफ (ANM), लैब टेक्नीशियन, ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारियों (RHO) एवं अन्य संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों की सहभागिता रही। अलग-अलग स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारियों की भागीदारी से रोग की पहचान एवं प्रबंधन के लिए आवश्यक जानकारी साझा करने का अवसर मिला।

स्क्रीनिंग और निदान की प्रक्रिया पर हुई विस्तार से चर्चा,

कार्यशाला के दौरान सिकल सेल रोग की स्क्रीनिंग एवं निदान, रोग प्रबंधन और सामुदायिक स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। यूनिसेफ की टीम ने स्वास्थ्यकर्मियों को बताया कि रोग से संबंधित संभावित मामलों की पहचान, आवश्यक जांच तथा मरीजों को उचित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया में स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने तथा उन्हें रोग से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही समुदाय में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता विकसित करने और जांच एवं स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व के बारे में लोगों को जानकारी देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने पर जोर,

राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल रोग की पहचान, जांच, उचित प्रबंधन एवं जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इस दिशा में स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि वे समुदाय के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और लोगों को आवश्यक जांच एवं परामर्श के लिए प्रेरित करने में अहम योगदान देते हैं।

कार्यशाला के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मियों को रोग की समय पर पहचान, जांच की प्रक्रिया, मरीजों के प्रभावी प्रबंधन तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने से संबंधित जानकारी प्रदान की गई। इससे जिले में कार्यक्रम के क्रियान्वयन को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।

सीएमएचओ के निर्देशन में हुआ आयोजन,

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला धमतरी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सिकल सेल रोग से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने तथा राष्ट्रीय कार्यक्रम के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा दिए गए प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता विकास को प्राथमिकता दी गई।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिकल सेल रोग की रोकथाम, समय पर जांच, उचित उपचार, प्रभावी प्रबंधन एवं जनजागरूकता गतिविधियों को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिला स्तरीय कार्यशाला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही, जिसके माध्यम से स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर जिले में सिकल सेल रोग से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।

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