विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन के प्रति किया गया जागरूक, परीक्षा के दबाव, मोबाइल की लत, टेली मानस टोल फ्री नंबर (14416) और नशामुक्ति पर विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी


कोरिया बैकुंठपुर । जिला कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के आदेशानुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बलवंत सिंह, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ आयुष जयसवाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अशरफ अंसारी एवं जिला नोडल अधिकारी (मानसिक स्वास्थ्य) डॉ कार्तिकेय सिंह के मार्गदर्शन में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, कोरिया एवं शासकीय नर्सिंग कॉलेज, बैकुंठपुर के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल, महलपारा, जिला कोरिया में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, परीक्षा के दबाव से उत्पन्न तनाव को समझने, मोबाइल की लत से बचने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक जागृति अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की समस्याओं को समझते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर संवाद किया तथा उन्हें अपनी भावनाओं और परेशानियों को खुलकर व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।

परीक्षा के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य पर हुई विस्तृत चर्चा

शासकीय नर्सिंग कॉलेज, बैकुंठपुर की प्रोफेसर डॉ. अंजना सैमुअल ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 की थीम “मानसिक स्वास्थ्य के लिए आपदा एवं आपातकालीन स्थितियों में सहायता” पर चर्चा की। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान होने वाले मानसिक दबाव, चिंता एवं तनाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई की बेहतर योजना बनाने, समय का उचित प्रबंधन करने तथा परीक्षा को भय के बजाय आत्मविश्वास के साथ लेने के लिए प्रेरित किया।

मोबाइल की लत एवं तनाव प्रबंधन पर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट ने दी जानकारी

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, कोरिया के क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ सुमन कुमार ने विद्यार्थियों को मोबाइल की अत्यधिक लत के मानसिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि मोबाइल का अनियंत्रित उपयोग पढ़ाई में एकाग्रता, नींद, समय प्रबंधन तथा आपसी संवाद को प्रभावित कर सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को तनाव के कारणों को पहचानने, सकारात्मक सोच विकसित करने, नियमित दिनचर्या अपनाने, पर्याप्त नींद लेने तथा पढ़ाई एवं मनोरंजन के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मानसिक तनाव या किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उसे मन में दबाकर रखने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों अथवा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बात करनी चाहिए।               

टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 के बारे में दी गई जानकारी -

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारत सरकार की टेली-मानस (Tele-MANAS) मानसिक स्वास्थ्य सेवा के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि मानसिक तनाव, चिंता, भावनात्मक परेशानी अथवा अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समय सहायता प्राप्त करने के लिए भारत सरकार द्वारा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 उपलब्ध कराया गया है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से देशभर में 24 घंटे, सातों दिन निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श एवं सहायता प्राप्त की जा सकती है। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे स्वयं तथा अपने परिवार और परिचितों को भी इस सुविधा के प्रति जागरूक करें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता प्राप्त की जा सके।

विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग, विशेषज्ञों से पूछे सवाल

कार्यक्रम का महत्वपूर्ण पक्ष विद्यार्थियों एवं विशेषज्ञों के बीच आयोजित खुली परिचर्चा रही। इस दौरान विद्यार्थियों ने परीक्षा के दबाव, मोबाइल के अत्यधिक उपयोग, तनाव तथा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें व्यावहारिक सुझाव दिए। खुली परिचर्चा के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर बातचीत करना और समय पर सहायता लेना महत्वपूर्ण है।

नशामुक्ति एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की दिलाई गई शपथ

कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के साइकिएट्रिक सोशल वर्कर पुलेंद्र मोहले ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाई कि वे नशे से दूर रहेंगे, जिम्मेदारीपूर्वक अध्ययन करेंगे, अपने सहपाठियों एवं सहयोगियों की सहायता करेंगे तथा तनाव की स्थिति में सकारात्मक उपाय अपनाकर उससे निपटने का प्रयास करेंगे।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य, समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न अंग है। जिस प्रकार शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल आवश्यक है, उसी प्रकार मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। समय पर अपनी समस्याओं को साझा करना, दूसरों की भावनाओं को समझना तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेना एक स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  कार्यक्रम को सफल बनाने में  राजीव जयसवाल (प्रिंसिपल), शासकीय नर्सिंग कॉलेज के सभी स्टाफ एवं स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश स्कूल महलपारा के स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा l

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