नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कालरी...... नगर पालिका शिवपुर-चरचा की नवपदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती मुक्ता सिंह चौहान के नेतृत्व में नगर के विकास कार्यों को तेजी मिलने लगी है। कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग और लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराने की पहल का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है।
इसी क्रम में जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम द्वारा दो दिन पूर्व नगर पालिका शिवपुर-चरचा से निकलने वाले गंदे पानी के शोधन तथा उसे कृषि एवं अन्य उपयोगों के लिए उपयोगी बनाने के उद्देश्य से वार्ड क्रमांक एक में लगभग 4 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का भूमि पूजन किया गया था।भूमि पूजन के महज दो दिन के भीतर ही नगर पालिका अधिकारी द्वारा एसटीपी का कार्य प्रारंभ करा दिया गया। इससे उम्मीद जगी है कि यह महत्वपूर्ण परियोजना भी निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होकर नगरवासियों को इसका लाभ पहुंचाएगी।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती मुक्ता सिंह चौहान ने कहा कि नगर का विकास केवल सड़क, नाली और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है। स्वच्छ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक संसाधन भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से उपचार होगा, जिससे जल प्रदूषण कम करने के साथ उपचारित पानी का कृषि एवं अन्य उपयोगों में बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा। हमारा प्रयास है कि विकास कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरे हों तथा पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता मिले।उन्होंने कहा कि नगर पालिका के सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। लंबे समय से लंबित पड़े निर्माण कार्यों को भी शीघ्र प्रारंभ करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि सीएमओ द्वारा नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। पुराने एवं लंबित पड़े निर्माण कार्यों को चिन्हित कर उन्हें शीघ्र प्रारंभ कराने तथा प्रगतिरत कार्यों में अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए संबंधित अमले को निर्देशित किया गया है।एसटीपी का कार्य भूमि पूजन के तत्काल बाद शुरू होना नगर पालिका की कार्यप्रणाली में आई तेजी का उदाहरण माना जा रहा है। यदि इसी गति से अन्य लंबित कार्य भी आगे बढ़ते हैं तो आने वाले समय में शिवपुर-चरचा में विकास के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


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