रायपुर : छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य संस्थानों की आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता को सुदृढ़ करने तथा अस्पताल आपदा प्रबंधन योजना (Hospital Disaster Management Plan) के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से रायपुर में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन व यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से किया गया।
कार्यशाला में प्रदेश के सभी 33 जिलों से सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक, जिला नोडल अधिकारी आपदा प्रबंधन सहित लगभग 70 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में आपदा की स्थिति में प्रभावी तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान Health System Emergency Preparedness के अंतर्गत अस्पताल आपदा प्रबंधन योजना की आवश्यकता, योजना की समीक्षा, जोखिम की पहचान, आपदा की स्थिति में अस्पताल की तैयारियों तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
तकनीकी सत्रों में अस्पतालों में संभावित विभिन्न आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं, जिम्मेदारियों एवं समन्वय व्यवस्था पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को यह समझाया गया कि किसी भी आपदा की स्थिति में अस्पताल की सेवाएं निरंतर बनाए रखने, मरीजों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के लिए पूर्व तैयारी एवं स्पष्ट कार्ययोजना आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में अस्पताल स्तर पर की जाने वाली तैयारियों और प्रतिक्रिया प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से विभिन्न टीमों की भूमिका, आपातकालीन प्रतिक्रिया, समन्वय तथा मरीजों की सुरक्षित निकासी जैसी प्रक्रियाओं को व्यवहारिक रूप से समझाया गया।
कार्यशाला में प्रतिभागियों द्वारा अपने-अपने जिलों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों से संबंधित अनुभव एवं व्यावहारिक चुनौतियां साझा की गईं। इसके साथ ही अस्पताल आपदा प्रबंधन योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने, संभावित जोखिमों की पहचान करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा की गई।
प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अस्पताल आपदा प्रबंधन केवल आपदा के समय की प्रतिक्रिया तक सीमित न होकर पूर्व तैयारी, जोखिम न्यूनीकरण, त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं आपदा के बाद पुनर्बहाली की एक सतत प्रक्रिया है। इसके लिए प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में अद्यतन एवं व्यवहारिक आपदा प्रबंधन योजना का होना तथा समय-समय पर मॉक ड्रिल एवं प्रशिक्षण आयोजित किया जाना आवश्यक है।
कार्यशाला के माध्यम से जिलों के अधिकारियों को अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में अस्पताल आपदा प्रबंधन योजना की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए संस्थागत स्तर पर तैयारियों को और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम संचालक संजीव झा के मार्गदर्शन में, उप संचालक डॉ. स्मृति देवांगन देवांगन आपदा प्रबंधन व यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में, वंदना बेन चौहान गुजरात ने Health System Emergency Preparedness एवं Disaster Management को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों एवं संबंधित विभागों द्वारा अस्पताल आपदा प्रबंधन योजना, आपदा एवं आपातकालीन तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था, विभागीय समन्वय, संसाधन प्रबंधन तथा आपातकालीन परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एवं अनुभव साझा किए गए।
कार्यशाला के सफल आयोजन के माध्यम से प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में Health System Emergency Preparedness एवं Disaster Management को और अधिक सुदृढ़ करने, अस्पतालों की आपदा प्रबंधन तैयारियों को व्यवहारिक एवं प्रभावी बनाने तथा किसी भी संभावित आपदा या आपातकालीन स्थिति में त्वरित, सुरक्षित एवं समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। इस कार्यक्रम बनाने में स्टेट तकनीकी अधिकारी सुश्री मोनिका साहू, एसएसए अशोक श्रीवास, यूनीसेफ के प्रतिनिधियों का सहयोग रहा |


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