45 दिनों में होगा क्षतिग्रस्त रेलवे पुलिया का निर्माण,,,,,, घटना के चंद घंटे में पहुंचे अंबिकापुर से रेलवे के अधिकारी,,,,,,, निरीक्षण कर एसईसीएल कोयला परिवहन करने वाली गाड़ियों को माना जिम्मेदार,,,,,,,,चरचा मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद,,,, डेढ़ माह तक बंद रहेगा कोयला सड़क परिवहन,,,,,,,,पूर्व में पुलिया धंसने की खबर प्रकाशित होने के बावजूद नहीं लिया गया संज्ञान, ,,,,



नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट 

कोरिया चरचा कालरी,,,,,,,,. नगर पालिका शिवपुर-चरचा को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर रेलवे द्वारा निर्मित पुलिया का एप्रोच हिस्सा आज सुबह अचानक पूरी तरह धंस गया। पुलिया के धंसने और सड़क का बड़ा हिस्सा टूट जाने से चरचा की लाइफ लाइन कही जाने वाली सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। मुख्य मार्ग बंद होने से जहां आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हुई, वहीं स्कूल बसों एवं आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही पर भी संकट खड़ा हो गया। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से कोयला परिवहन भी तत्काल प्रभाव से रुक गया है।गौरतलब है कि इस पुलिया के धंसने की स्थिति को लेकर पूर्व में भी समाचार प्रकाशित कर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया था। इसके बावजूद समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं होने के बाद अब पुलिया का एप्रोच हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर आवागमन के लिए बंद हो गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी बढ़ने लगा है।

मौके पर पहुंचे रेलवे के अधिकारी,,,,, 

पुलिया धंसने की जानकारी मिलते ही रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर मनोज गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया।अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पुलिया एवं सड़क की स्थिति का जायजा लेते हुए आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की।रेलवे की ओर से नगर पालिका शिवपुर-चरचा की मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमति मुक्ता सिंह चौहान को पत्र के माध्यम से स्थिति से अवगत कराया गया है। पत्र में बताया गया है कि क्षतिग्रस्त ह्यूम पाइप को हटाकर उचित क्षमता का नया ह्यूम पाइप स्थापित करने, आवश्यक बेडिंग एवं साइड सपोर्ट देने तथा सड़क की सतह का पुनर्निर्माण करने का कार्य किया जाएगा। पुनर्स्थापना कार्य के लिए लगभग 30 से 45 दिनों की अवधि निर्धारित की गई है।मुख्य नगर पालिका अधिकारी मुक्ता सिंह चौहान ने रेलवे अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। काम ऐसा कर रहा है जिससे भविष्य में भी गुणवत्ता बनी रहे इसके अतिरिक्त नगर पालिका की ओर से कार्य में हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

45 दिन की  निर्धारित अवधि में होगा पुनर्निर्माण कार्य,,,,,,, रेलवे अधिकारियों  के संयुक्त प्रतिवेदन के अनुसार क्षतिग्रस्त सड़क को प्राथमिकता के आधार पर खोला जाएगा। धंसे हुए ह्यूम पाइप को हटाकर नया पाइप लगाया जाएगा तथा सड़क को आवश्यकतानुसार पुनः तैयार किया जाएगा। प्रतिवेदन में पुनर्स्थापना के लिए लगभग 30 से 45 दिन का समय अपेक्षित बताया गया है।इस अवधि में वैकल्पिक मार्ग के रूप में ब्रिज क्रमांक 134 तथा ब्रिज क्रमांक 139 से डायवर्जन की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।

कोयला परिवहन पर भी लगी रोक,,,,,,,मुख्य मार्ग के बंद होने के कारण निर्माण कार्य के दौरान इस मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन संभव नहीं होगा। इसी को देखते हुए रेलवे अधिकारियों ने एसईसीएल प्रबंधन को सड़क मार्ग से कोयला परिवहन बंद रखने के निर्देश दिए हैं।पुलिया क्षतिग्रस्त होने से कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों की आवाजाही पर भी सवाल खड़े हुए हैं। रेलवे के संयुक्त प्रतिवेदन में कहा गया है कि सड़क की क्षति भारी वाहनों की बढ़ी हुई आवाजाही के संयुक्त प्रभाव विशेषकर लदे हुए ट्रकों, मानसून के दौरान मिट्टी के कमजोर होने तथा ह्यूम पाइप पर बढ़े भार के कारण हुई प्रतीत होती है। 

रेलवे व प्रशासनिक अधिकारियों की  गंभीर लापरवाही,,,,,,स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिया की स्थिति लगातार खराब हो रही थी और इसके संबंध में पहले भी खबर प्रकाशित कर जिम्मेदार अधिकारियों को चेताया गया था। यदि समय रहते पुलिया की स्थिति का तकनीकी परीक्षण और आवश्यक मरम्मत कर दी जाती तो आज मुख्य मार्ग के पूरी तरह बंद होने की स्थिति शायद टाली जा सकती थी। रेलवे के स्थानीय अधिकारी व उच्च अधिकारी यदि समय रहते संज्ञान लेते तो आज रेलवे को लाखों की क्षति नहीं पहुंचती चरचा के लिए यह सड़क केवल आवागमन का मार्ग नहीं, बल्कि दैनिक जरूरतों, स्कूलों, व्यापार, चिकित्सा सुविधा और कोयला परिवहन से जुड़ी महत्वपूर्ण लाइफ लाइन है। ऐसे में आगामी 30 से 45 दिनों तक चलने वाला पुनर्निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के लिए बड़ी चुनौती रहेगा।

रेलवे ने पुनर्स्थापना के लिए 30 से 45 दिनों की समयसीमा बताई है। अब स्थानीय नागरिकों की नजर इस बात पर है कि क्षतिग्रस्त पुलिया का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा होता है या नहीं। क्योंकि चरचा की लाइफ लाइन को लंबे समय तक बंद रखना आम जनजीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। वर्ष 2025 में भी रिपेयरिंग कार्य के नाम पर रेलवे के द्वारा 2 महीने तक अंडर ब्रिज सड़क मार्ग को बंद कर दिया गया था इस वजह से वर्तमान में रेलवे का यह कहना कि 45 दिनों में हो जाएगा अपने आप में प्रश्न वाचक है

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