शिक्षिका नीतू कुशवाहा का राज्यपाल पुरस्कार 2026-27 के लिए चयन नवाचार, समर्पण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता का मिला सम्मान


कोरिया/बैकुंठपुर। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सारा, विकासखंड बैकुंठपुर की विज्ञान शिक्षिका श्रीमती नीतू कुशवाहा का उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य, नवाचारपूर्ण गतिविधियों, विद्यार्थियों के प्रति समर्पण एवं विद्यालय विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्यपाल पुरस्कार 2026-27 हेतु चयन किया गया है। यह उपलब्धि विद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा जगत के लिए गौरव का विषय है।

श्रीमती कुशवाहा ने विज्ञान शिक्षण को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित न रखते हुए प्रयोग, गतिविधि, मॉडल, विज्ञान पहेलियों एवं अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों में जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का निरंतर प्रयास किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री का उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को सीखने के नए अवसर प्रदान किए।

विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने, विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। विद्यालय और विद्यार्थियों के हित में निरंतर मेहनत, कर्तव्यनिष्ठा और नवाचार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इस चयन का प्रमुख आधार बनी है।

उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया जा चुका है। राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयन की खबर मिलते ही विद्यालय परिवार, शिक्षक साथियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शुभचिंतकों में हर्ष का वातावरण है।

श्रीमती नीतू कुशवाहा ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने प्रधान पाठक, शिक्षक साथियों, विद्यार्थियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शुभचिंतकों एवं परिवारजनों के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन को देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक जिम्मेदारी, समर्पण और नए प्रयोगों के साथ कार्य करने की प्रेरणा है।

उनके चयन पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं विद्यालय परिवार ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ