रायगढ़/घरघोड़ा। राज्य शासन के दिशा-निर्देशानुसार जिला स्वास्थ्य विभाग रायगढ़ द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं डब्ब्ल्यूटी ट्रस्ट के सहयोग से विकासखंड घरघोड़ा के शहरी क्षेत्र में बच्चों के लिए विशेष गैर-संचारी रोग (एनसीडी) स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन पालूराम धनानिया वाणिज्य महाविद्यालय तथा किरोड़ीमल शासकीय जिला अस्पताल में किया गया। कार्यक्रम रायगढ़ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन तथा यूनिसेफ रायपुर के हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
शिविर में 1 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 50 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के दौरान 11 बच्चे सिकल सेल वाहक (AS) पॉजिटिव तथा 6 बच्चे सिकल सेल रोग (SS) पॉजिटिव पाए गए। चिन्हित बच्चों को आगे की आवश्यक जांच, विशेषज्ञ परामर्श एवं उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि सिकल सेल सहित गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उचित प्रबंधन से बच्चों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार किया जा सकता है तथा गंभीर जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों को सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह एवं अन्य गैर-संचारी रोगों के लक्षणों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर उपचार एवं फॉलोअप के महत्व पर जोर दिया। अभिभावकों को बताया गया कि यदि बच्चों में बार-बार कमजोरी, अत्यधिक थकान, लगातार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज न करें और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
शिविर में बच्चों की समग्र स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक परामर्श भी प्रदान किया गया। जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उनके बेहतर उपचार के लिए रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा स्क्रीनिंग, परामर्श एवं रेफरल प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ), ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम), राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम, ब्लॉक स्वास्थ्य टीम तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं सहयोगी संस्था के प्रतिनिधियों ने भी शिविर के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। किसी भी संदिग्ध लक्षण के दिखाई देने पर समय गंवाए बिना निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं उपचार कराएं। समय पर बीमारी की पहचान और नियमित उपचार से बच्चों को स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सकता है।


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