बलरामपुर। जिला स्वास्थ्य विभाग, बलरामपुर द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं MCCR ट्रस्ट के सहयोग से स्व-सहायता समूह सदस्यों हेतु विशेष उन्मुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर बाल विवाह एवं उसके दुष्परिणाम, स्कूल ड्रॉपआउट, किशोरावस्था में गर्भधारण, बच्चों में गैर-संचारी रोगों तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में लगभग 145 स्व-सहायता समूह सदस्यों ने सहभागिता की। सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक प्रभावों, किशोरावस्था में गर्भधारण के जोखिम, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बच्चों में गैर-संचारी रोगों जैसे सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह एवं जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान, जांच, परामर्श, उपचार एवं रेफरल की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की। बाल मधुमेह के प्रमुख लक्षणों—अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान एवं अचानक वजन कम होना—की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों से अपील की गई कि ऐसे लक्षण दिखने पर बच्चों को तत्काल स्वास्थ्य संस्था से जोड़ें।
कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह सदस्यों की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया गया कि महिलाएं गांव स्तर पर स्वास्थ्य संदेशों के प्रसार, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, बाल विवाह की रोकथाम तथा सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। SHG नेटवर्क के माध्यम से समुदाय में जागरूकता को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में श्रीमती अर्पणा दीक्षित, जनपद सदस्य एवं प्रवक्ता महिला प्रकोष्ठ; सुश्री सुमित्रा चेरवा, अध्यक्ष जनपद पंचायत बलरामपुर; तथा श्री भानुप्रकाश दीक्षित, भाजपा महामंत्री बलरामपुर उपस्थित रहे। अतिथियों ने बाल विवाह, किशोरावस्था में गर्भधारण, बच्चों में गैर-संचारी रोगों एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए स्व-सहायता समूहों से समुदाय में जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सक्रिय सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. स्मृति एक्का ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण समुदाय की मजबूत कड़ी हैं। इनके सहयोग से बाल विवाह रोकथाम, किशोरियों के पोषण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों की समय पर जांच एवं रेफरल जैसी गतिविधियों को गांव स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. स्मृति एक्का, जिला कार्यक्रम प्रबंधक; श्री नेत्र प्रकाश, विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक; डॉ. गजेंद्र सिंह, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, यूनिसेफ; यूनिसेफ टीम तथा डॉ. डी. श्याम कुमार, MCCR ट्रस्ट का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, विकासखंड स्तरीय स्वास्थ्य टीम, मितानिन एवं सामुदायिक प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह रोकथाम, किशोर स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बच्चों में गैर-संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद परिवारों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का संकल्प लिया।

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