कोरिया बैकुंठपुर । तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों का रुझान लगातार घटता नजर आ रहा है। इसका ताजा उदाहरण शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज कोरिया में देखने को मिल रहा है, जहां इस बार प्री पॉलिटेक्निक टेस्ट (पीपीटी) के बिना डायरेक्ट एडमिशन की सुविधा दिए जाने के बावजूद अधिकांश सीटें खाली हैं। कॉलेज प्रबंधन सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार प्रचार-प्रसार कर रहा है, लेकिन इसके बाद भी छात्रों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रही है।
कॉलेज से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रथम वर्ष में सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल ब्रांच की कुल 90 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें अब तक केवल 29 छात्रों ने एडमिशन लिया है। सिविल इंजीनियरिंग में 10, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 7 और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 12 छात्रों ने दाखिला लिया है। यानी कुल 61 सीटें अभी भी खाली हैं, जो लगभग 68 प्रतिशत के बराबर है। एडमिशन प्रोसेस 30 जून तक जारी रहेगा।
कॉलेज के अध्यापक मनीष जी. ने बताया कि इस वर्ष छात्रों को अधिक अवसर देने के उद्देश्य से बिना पीपीटी के ही एडमिशन दिया जा रहा है। साथ ही कॉलेज परिसर में पंजीयन के लिए जानकारी उपलब्ध कराने के लिए निःशुल्क सहायता की व्यवस्था भी की गई है। फॉर्म भरने से लेकर दस्तावेज अपलोड करने तक में विद्यार्थियों की मदद की जा रही है, ताकि कोई भी छात्र तकनीकी कारणों से वंचित न रहे। इसके बावजूद एडमिशन का आंकड़ा संतोषजनक नहीं है।
गौरतलब है कि पिछले वर्षों में पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एडमिशन के लिए पीपीटी अनिवार्य होता था और बेहतर रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को ही सीट मिल पाती थी। उस समय सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिलती थी। लेकिन इस बार प्रवेश परीक्षा की बाध्यता समाप्त होने के बावजूद सीटें खाली रहना चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र कोरिया पॉलिटेक्निक कॉलेज में एडमिशन लेने आते थे। लेकिन अब उन क्षेत्रों में भी शासकीय तकनीकी संस्थान और कॉलेज शुरू हो गए हैं। इसके कारण विद्यार्थियों को अपने नजदीक ही विकल्प मिल रहे हैं और कोरिया कॉलेज में एडमिशन लेने वालों की संख्या में गिरावट आई है। हालांकि
तकनीकी शिक्षा के प्रति घटती रुचि और क्षेत्र में बढ़े शैक्षणिक विकल्पों के बीच शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज कोरिया में खाली पड़ी सीटें उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के बदलते परिदृश्य की ओर इशारा कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर कर रहे प्रचार :-
कॉलेज प्रबंधन द्वारा सोशल मीडिया पर जारी प्रचार सामग्री में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, निःशुल्क सहायता, अनुभवी फैकल्टी, आधुनिक लैब, वर्कशॉप, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट सपोर्ट जैसी सुविधाओं को प्रमुखता से बताया जा रहा है। बावजूद इसके एडमिशन की रफ्तार धीमी बनी हुई है।
एडमिशन की स्थिति :-
प्रथम वर्ष
सिविल इंजीनियरिंग – 10/30
मैकेनिकल इंजीनियरिंग – 7/30
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग – 12/30
कुल एडमिशन – 29/90
लेटरल एंट्री
सिविल – 01
इलेक्ट्रिकल – 04
मैकेनिकल – 00
कुल – 05

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