कोरिया बैकुंठपुर । जिले के देवगढ़ वन परिक्षेत्र में संचालित शासकीय वाहन को लेकर इन दिनों चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आरोप है कि वन विभाग का यह विभागीय वाहन लंबे समय से बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र और बीमा के सड़कों पर संचालित किया जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली तथा नियमों के पालन को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं।
जानकारों के अनुसार मोटरयान अधिनियम के तहत किसी भी वाहन के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, पंजीयन सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों का वैध होना अनिवार्य है। इन दस्तावेजों की अनुपस्थिति में वाहन का संचालन नियमों के विरुद्ध माना जाता है। आम नागरिकों के वाहनों की जांच कर यातायात एवं परिवहन विभाग द्वारा नियमित कार्रवाई की जाती है। ऐसे में यदि किसी शासकीय वाहन के दस्तावेज समय पर नवीनीकृत नहीं किए गए हैं, तो यह मामला गंभीर माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागीय वाहन वर्षों से आवश्यक औपचारिकताओं की अनदेखी करते हुए उपयोग में लाया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि वाहन वास्तव में बिना वैध फिटनेस और बीमा के संचालित हो रहा है, तो यह न केवल नियमों की अवहेलना है बल्कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का विषय है। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तीसरे पक्ष को मिलने वाले मुआवजे, बीमा दावों तथा जिम्मेदारी निर्धारण को लेकर जटिल स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
मामले को लेकर यह चर्चा भी सामने आ रही है कि विभागीय वाहनों के रखरखाव, ईंधन और मरम्मत पर प्रतिवर्ष राशि व्यय की जाती है, लेकिन वाहन के आवश्यक दस्तावेजों के नवीनीकरण जैसे मूलभूत कार्यों पर पर्याप्त ध्यान क्यों नहीं दिया गया। इस सवाल ने विभागीय निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित वाहन के समस्त दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए। यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि वाहन बिना वैध फिटनेस और बीमा के संचालित किया जा रहा था, तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल इस मामले को लेकर वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन के नियम सभी के लिए समान होने चाहिए और शासकीय विभागों को स्वयं नियमों का पालन कर आम जनता के लिए उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।

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