कोरबा। जिला स्वास्थ्य विभाग, कोरबा द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं MCCR ट्रस्ट के सहयोग से सीईओ जिला पंचायत सभागार, कोरबा में स्व-सहायता समूह (SHG) सदस्यों हेतु विशेष उन्मुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह, जन्मजात हृदय रोग तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं महिलाओं की सामुदायिक भूमिका को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में लगभग 65 स्व-सहायता समूह सदस्यों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को बच्चों में गैर-संचारी रोगों की प्रारंभिक पहचान, समय पर जांच एवं उपचार की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पूर्ण टीकाकरण, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच एवं संस्थागत प्रसव के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को बाल मधुमेह के लक्षणों—जैसे अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना एवं अचानक वजन कम होना—के बारे में जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त सिकल सेल रोग की नियमित जांच एवं परामर्श तथा जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान एवं उपचार की आवश्यकता पर भी जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में SHG सदस्यों की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया गया कि महिलाएं समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने तथा सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। वक्ताओं ने कहा कि SHG नेटवर्क के माध्यम से गांव स्तर पर स्वास्थ्य संदेशों का प्रभावी प्रसार संभव है।
इस अवसर पर दिनेश नाग मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा,स्वास्थ्य विभाग से डॉ सूर्या नारायण केसरी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा पद्माकर शिंदे जिला कार्यक्रम प्रबंधक ,डॉ बी आर रात्रे जिला नोडल सिकल सेल , अरविन्द भारती,जिला सलाहकार सिकल सेल,की सहभागिता रही।
डॉ गजेंद्र सिंह स्वास्थ्य विशेषज्ञ यूनिसेफ के नेतृत्व में और उनकी टीम तथा डॉ डी श्याम कुमार, एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से यह कार्यशाला सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।


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