नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट
कोरिया चरचा कालरी .....बैकुंठपुर क्षेत्र अंतर्गत चर्चा माइंस क्षेत्र में इन दिनों क्षेत्रीय चिकित्सालय चर्चा के चिकित्सक डॉ. जुल्फिकार अली और बीएमएस यूनियन नेता एवं क्षेत्र प्रबंधक कार्यालय में पदस्थ लिपिक जितेंद्र श्रीवास्तव के बीच हुआ विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। दोनों पक्षों द्वारा चर्चा थाना में लिखित शिकायत दिए जाने के बाद मामला अब प्रशासनिक और श्रमिक हलकों में भी तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 मई 2026 को क्षेत्रीय चिकित्सालय चर्चा में मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई। डॉ. जुल्फिकार अली द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि दोपहर लगभग 12:00 बजे जितेंद्र श्रीवास्तव एक कर्मचारी को लेकर अस्पताल पहुंचे और उसे ड्यूटी के लिए फिट घोषित करने का दबाव बनाने लगे। डॉक्टर के अनुसार नियम विरुद्ध कार्य से मना करने पर उनके साथ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और धमकी दी गई। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के समय अस्पताल में अन्य लोग भी मौजूद थे, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
वहीं दूसरी ओर जितेंद्र श्रीवास्तव ने अपने आवेदन में कहा है कि वे यूनियन प्रतिनिधि होने के नाते कर्मचारी विश्वनाथ सिंह की मेडिकल फिटनेस प्रक्रिया में सहयोग करने अस्पताल पहुंचे थे। उनका आरोप है कि नियम अनुसार निवेदन करने पर डॉ. जुल्फिकार अली अचानक आक्रोशित हो गए और सार्वजनिक रूप से उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया। उन्होंने डॉक्टर के व्यवहार को लोक सेवक और चिकित्सक की गरिमा के विपरीत बताते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है
सूत्रों के अनुसार डॉ. जुल्फिकार अली अधिकारी एसोसिएशन से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं, ऐसे में अधिकारी वर्ग का समर्थन उनके पक्ष में आने की संभावना जताई जा रही है। वहीं क्षेत्रीय चिकित्सालय चर्चा के कर्मचारियों ने भी डॉक्टर के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की निंदा की है और इसे अनुचित बताया है।
वहीं दूसरी तरफ जितेंद्र श्रीवास्तव एक सक्रिय श्रमिक नेता माने जाते हैं और श्रमिक संगठन से जुड़े होने के कारण वे भी अपने स्तर पर इस मामले को उठाने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। चर्चा है कि आने वाले दिनों में कुछ श्रमिकों को भी उनके समर्थन में सामने लाया जा सकता है। मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं तथा झूठे आरोप-प्रत्यारोप लगाए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एसईसीएल चरचा क्षेत्र में अनुशासन और कार्यसंस्कृति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि यदि किसी छोटे स्तर के कर्मचारी द्वारा इस प्रकार का विवाद किया जाता तो प्रबंधन तत्काल कठोर कार्रवाई करता, लेकिन अब देखना यह होगा कि एक श्रमिक नेता और चिकित्सक के बीच हुए इस विवाद पर प्रबंधन किस प्रकार का रुख अपनाता है।
मामले को लेकर चरचा थाना प्रभारी आनंद सोनी ने कहा कि दोनों पक्षों से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। आवेदन पत्रों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा जांच उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय कर्मचारियों और अधिकारियों की निगाहें चरचा पुलिस और कॉलरी प्रबंधन दोनों पर टिकी हुई हैं। लोग यह देखने को उत्सुक हैं कि इस मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई होती है या फिर मामला केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाएगा।

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