श्रीराम कथा के तृतीय दिवस में उमड़ा आस्था का सैलाब, संत वचनों से भक्तिमय हुआ चिरमिरी


कोरिया बैकुंठपुर । क्षेत्र के गोदरीपारा चिरमिरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित भव्य श्रीराम कथा महोत्सव के तृतीय दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंच से गूंजते श्रीराम नाम और संत वचनों ने हर भक्त के मन को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भैया लाल राजवाड़े, जिला पंचायत कोरिया की उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, प्रदेश कार्य समिति सदस्य कृष्ण बिहारी जायसवाल, भारतीय जनता पार्टी कोरिया के अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी तथा कथावाचक विक्रम दुबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने भक्तिभाव से श्रीराम कथा का श्रवण कर परम पूज्य जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।

कथा के दौरान पूज्य गुरुदेव श्री रामभद्राचार्य जी ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, त्याग, सेवा और धर्म के महत्व का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में सत्संग का विशेष महत्व है और बिना सत्संग के विवेक की प्राप्ति संभव नहीं है। इसी संदर्भ में उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रसिद्ध चौपाई—

“बिनु सतसंग बिबेक न होई।

राम कृपा बिनु सुलभ न सोई॥”

—का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान की कृपा और संतों के सान्निध्य से ही मानव जीवन सार्थक बनता है। गुरुदेव के ओजस्वी एवं मधुर प्रवचनों को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।


कथा के उपरांत भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। आरती के दौरान पूरा कथा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। भक्तों की आस्था, उत्साह और भक्ति ने पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया। श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताते हुए कहा कि संतों का सान्निध्य आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

इस अवसर पर श्रीराम कथा आयोजक समिति के सभी सदस्य सक्रिय रूप से व्यवस्था में जुटे रहे। समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल, प्रसाद एवं अन्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। चिरमिरी नगरी में आयोजित यह श्रीराम कथा महोत्सव लगातार श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना हुआ है।



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