बीमा कंपनी को बड़ा झटका: उपभोक्ता आयोग ने 48 लाख रुपये देने का दिया आदेश



कोरिया बैकुंठपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी को मृतक बीमाधारक के परिवार को 48 लाख रुपये की बीमा राशि ब्याज सहित देने का आदेश दिया है। मामला गृह ऋण से जुड़े हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम के निरस्तीकरण से संबंधित था। 

प्रकरण में मनेंद्रगढ़ निवासी स्वर्गीय हरीश दुलानी की पत्नी प्रियंका दुलानी एवं पुत्र अमन दुलानी ने शिकायत प्रस्तुत की थी। परिवार का आरोप था कि बैंक से लिए गए होम लोन की सुरक्षा हेतु 48 लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस कराया गया था, लेकिन बीमारी से मृत्यु होने के बाद बीमा कंपनी ने क्लेम यह कहते हुए खारिज कर दिया कि बीमाधारक ने पहले से मौजूद बीमारी की जानकारी छिपाई थी। 

शिकायतकर्ताओं ने आयोग को बताया कि हरीश दुलानी को वर्ष 2022 में पहली बार गंभीर किडनी बीमारी का पता चला था और बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का कहना था कि बीमा लेते समय उन्हें किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी तथा बीमा कंपनी ने स्वयं स्वास्थ्य परीक्षण के बाद पॉलिसी जारी की थी। 

वहीं बीमा कंपनी ने अपने जवाब में दावा किया कि बीमाधारक को पहले से मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां थीं, जिन्हें प्रस्ताव फॉर्म में छिपाया गया था, इसलिए दावा निरस्त किया गया। 

आयोग ने सुनवाई के दौरान पाया कि बीमा कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि पॉलिसी जारी होने से पहले बीमाधारक को गंभीर बीमारी थी या उन्होंने जानबूझकर तथ्य छिपाए थे। आयोग ने यह भी कहा कि बीमा कंपनी प्रस्ताव फॉर्म और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रही। 

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि बीमा कंपनी द्वारा दावा निरस्त करना सेवा में कमी है। इसके बाद आयोग ने बीमा कंपनी को शिकायतकर्ताओं को 48 लाख रुपये की बीमा राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का निर्देश दिया। 

आयोग के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय तथा सदस्य ममता तिवारी और चुरामन दास ने मामले की गहराई से सुनवाई करते हुए उपभोक्ता हित में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। उनके द्वारा तथ्यों और साक्ष्यों का निष्पक्ष परीक्षण कर दिया गया यह आदेश आम उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में सराहनीय माना जा रहा है।

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