कोरिया बैकुंठपुर । लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 के पारित न होने को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। इस मुद्दे पर बैकुंठपुर विधानसभा की लोकप्रिय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भैया लाल राजवाड़े ने कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह घटना देश के लोकतंत्र के लिए एक “काला अध्याय” के रूप में दर्ज होगी।
विधायक राजवाड़े ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन ने मिलकर इस महत्वपूर्ण विधेयक को रोककर अपनी महिला विरोधी मानसिकता को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधेयक का पारित न होना नहीं है, बल्कि करोड़ों महिलाओं के उस भरोसे का टूटना है, जो उन्होंने अपने सशक्त भविष्य के लिए संजोया था।
उन्होंने आगे कहा कि देश में महिलाओं को ‘शक्ति’ के रूप में सम्मान देने और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन विपक्ष की संकीर्ण सोच महिलाओं के सशक्तिकरण के मार्ग में बाधा बन रही है। “यह कदम महिलाओं के सपनों, उनके अधिकारों और उनकी क्षमताओं का सीधा अपमान है,” उन्होंने कहा।
राजवाड़े ने यह भी चेतावनी दी कि नारी शक्ति के इस अपमान का खामियाजा विपक्ष को आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हो चुकी हैं और वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। “यह आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है। 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव में देश की बहनें अपने सपनों को कुचलने वालों को करारा जवाब देंगी,” उन्होंने स्पष्ट किया।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि नारी शक्ति का यह अपमान विपक्ष के राजनीतिक भविष्य के लिए गंभीर संकेत है। “याद रखिए, यह केवल विरोध नहीं, बल्कि बदलाव की शुरुआत है, जो आपके राजनीतिक अंत का कारण बन सकती है,” उन्होंने कहा।
इस बयान के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।

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