नवरात्र में आस्था का केंद्र बना जमडी का सिद्ध शक्तिपीठ दुर्गा मंदिर


सूरजपुर छत्तीसगढ़। अविभाजित सरगुजा जिले के भैयाथान के समीप स्थित ग्राम जमडी इन दिनों नवरात्र पर्व के अवसर पर गहरी आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां स्थित सिद्ध शक्तिपीठ दुर्गा मंदिर में पूरे श्रद्धा भाव के साथ माता रानी की पूजा-अर्चना का भव्य आयोजन किया जा रहा है। दूर-दराज से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर में लगातार भक्तों की भीड़ देखी जा रही है।

नवरात्र के पावन अवसर पर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और भक्ति गीतों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। सुबह से लेकर देर रात तक माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहता है। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं, जिससे दर्शन करने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

मंदिर परिसर में माता दुर्गा के साथ-साथ भगवान शंकर और हनुमान जी के मंदिर भी स्थित हैं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। भक्तजन पहले माता रानी के दर्शन करते हैं, इसके बाद भगवान शंकर और बजरंगबली के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है, जिससे इस स्थान की आस्था और भी बढ़ जाती है।

ग्राम जमडी का यह सिद्ध शक्तिपीठ न केवल स्थानीय लोगों बल्कि आसपास के गांवों और जिलों के श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष महत्व रखता है। नवरात्र के दौरान यहां प्रतिदिन विशेष पूजा, आरती और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर भक्ति रस में सराबोर हो रहे हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस मंदिर की महिमा दूर-दूर तक प्रसिद्ध है और हर वर्ष नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। प्रशासन और मंदिर समिति मिलकर सुरक्षा और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में जुटे हुए हैं, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन कर सकें।

कुल मिलाकर ग्राम जमडी का सिद्ध शक्तिपीठ दुर्गा मंदिर नवरात्र के इस पावन अवसर पर आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहा है, जो निश्चित ही लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण हर आने वाले श्रद्धालु के मन को शांति और ऊर्जा से भर देता है।

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